पिछले कुछ दिनों से फिल्म ‘पद्मावती’ को कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है. यहां तक कि कई राजपूत संगठनों के साथ-साथ कुछ नेता भी फिल्म के डायरेक्टर संजय लीला भंसाली और हीरोइन दीपिका पादुकोण को धमकी दे चुके हैं. ‘पद्मावती’ एक दिसंबर को रिलीज होने वाली थी लेकिन अब इसे टाल दिया गया है. सेंसर बोर्ड से मंजूरी मिलने और इसके रिलीज होने से पहले ही इसे उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पंजाब में बैन करने का ऐलान कर दिया गया है. पद्मावती के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि फिल्म में राजपूतों के इतिहास और उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ किया गया है. ऐसे में फिल्‍म के निर्माताओं ने हर तरफ से निराश होकर कुछ जाने-माने पत्रकारों को कुछ समय पहले यह फिल्म दिखाई थी. इन पत्रकारों में रजत शर्मा और अर्णब गोस्वामी भी शामिल थे जिन्हें सत्ता पक्ष, उसके समर्थक और हिंदुत्व की विचारधारा में विश्वास करने वाले ‘निष्पक्ष’ पत्रकार मानते हैं. आइये जानते हैं कि इन दोनों पत्रकारों की पद्मावती के बारे में क्या राय है:

अर्णब गोस्‍वामी - संस्थापक संपादक, रिपब्लिक टीवी

  1. यह फिल्म राजपूतों के स्वाभिमान सबसे ज्यादा सम्मान के साथ दिखाती है.
  2. फिल्‍म का हर सीन ‘रानी पद्मिनी की महानता’ को एक ‘सिनेमाई ट्रिब्‍यूट’ है.
  3. जब फिल्‍म बॉक्‍स ऑफिस पर रिलीज होगी तो करणी सेना खुद को बेवकूफ साबित करेगी.
  4. करणी सेना का साथ देकर भाजपा खुद को शर्मिंदा करने वाली है इसलिए उसे इस बारे में फिर से विचार करना चाहिए.
  5. फिल्म में रानी पद्मिनी का अलाउदीन खिलजी के साथ एक भी सीन नहीं है. यहां तक की रानी पद्मिनी और राजा रतन सिंह के बीच के सीन भी बड़ी सावधानी और खूबसूरती से फिल्माए गए हैं.

रजत शर्मा - संस्थापक संपादक, इंडिया टीवी (नीचे दिये गये वीडियो में 7:00 से 12:30 के बीच)

  1. फिल्‍म का कोई भी सीन ‘राजस्‍थान के लोगों या राजपूतों की आन-बान-शान के खिलाफ नहीं’ है.
  2. फिल्‍म देखने के बाद मैं दावे से कह सकता हूं कि कोई नहीं कह पाएगा कि पूरी फिल्‍म की थीम में कुछ ऐसा है कि हमारे गौरवशाली राजपूती इतिहास के खिलाफ हो.
  3. करणी सेना द्वारा लगाए गए सारे आरोप गलत सबित होंगे, फिल्म में इतिहास के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है.
  4. दुख की बात है कि इतनी बड़ी-बड़ी बातें करने वालों में से किसी ने ये फिल्म नहीं देखी है, मैने देखी है और मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि इसमें एक भी दृश्य ऐसा नहीं है जिस पर आपत्ति की जा सके.
  5. फिल्म देखकर मैं कह सकता हूं ये फिल्म मेवाड़ के इतिहास, महारावल रतन सिंह की वीरता, रानी पद्मिनी के साहस और बलिदान की कहानी बताने में सफल हुई है.
Play