तुर्की में हुए आम चुनाव में सत्ताधारी दल एकेपी को जबर्दस्त झटका लगा है. पिछले 13 साल से सत्ता पर काबिज यह पार्टी पूर्ण बहुमत हासिल करने से रह गई. ऐसे में पूरी संभावना है कि उसे सरकार बनाने के लिए किसी दूसरी पार्टी के साथ गठबंधन करना पड़ेगा. इन चुनाव परिणामों को वहां के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन की गिरती लोकप्रियता के रूप में भी देखा जा रहा है. तुर्की में राष्ट्रपति प्रणाली लागू करने के लिए उन्हें हर सूरत में दो-तिहाई बहुमत (276 सीट) की जरूरत थी.
तुर्की में राष्ट्रपति प्रणाली लागू करने के लिए एर्दोआन को दो-तिहाई बहुमत मिलना जरूरी था.
2003 में बतौर प्रधानमंत्री तुर्की की सत्ता संभालने वाले एर्दोऑन पिछले साल ही राष्ट्रपति चुने गए थे. माना जा रहा है कि उम्मीदों के विपरीत आए इन परिणामों को लेकर उन्हें पार्टी द्वारा तलब भी किया जा सकता है. चुनाव के ये नतीजे दुनिया भर को चौंकाने वाले माने जा रहे हैं. इसकी वजह यह भी है कि पहली बार वहां के विपक्षी दल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी को दस प्रतिशत से ज्यादा वोट मिले हैं. इस पार्टी को कुर्द समर्थक माना जाता है. ऐसे में इसके कई लोग इसे कुर्दों की जीत भी बता रहे हैं. जानकारों का मानना है कि इन नतीजों के बाद तुर्की की राष्ट्रीय राजनीति में कुर्दों की भूमिका पहले के मुकाबले और मजबूत होगी. गौरतलब है कि दक्षिण-पूर्व तुर्की में पिछले तीन दशक से अलग कुर्दिस्तान के लिए संघर्ष चल रहा है. इस संघर्ष के चलते अब तक वहां लगभग 40 हजार लोगों को जान गंवानी पड़ी है.
ब्रिटेन में मुस्लिम महिला पर नस्लीय हमला
ब्रिटेन में फिर से एक मुस्लिम महिला के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है. वहां के एक अखबार ईवनिंग स्टैंडर्ड में छपी एक खबर के मुताबिक महिलाओं के एक समूह ने इस मुस्लिम महिला के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी करते हुए उसके साथ मारपीट की. यह घटना ब्रिटेन की राजधानी लंदन के दक्षिणी इलाके की बताई जा रही है. मुस्लिम महिला के हिजाब पहनने को इस नस्लीय हमले का कारण बताया जा रहा है. खबरों के मुताबिक महिला पर यह हमला उस वक्त किया गया, जब वह अपने बच्चों को लेने स्कूल गई थी. पीड़ित महिला का कहना है कि महिलाओं के समूह ने उसका हिजाब खींचने के अलावा उस पर लात-घूंसे भी बरसाए. हालांकि उसने किसी बड़ी चोट से इंकार किया है.
इस मामले में पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि उसने संदेह के आधार पर दो महिलाओं को गिरफ्तार भी किया. हालांकि बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया. ब्रिटेन में मुस्लिम महिलाओं के साथ बदसलूकी का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी वहां मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी की खबरें सामने आती रही हैं.
बांग्लादेश में ब्लॉगर हत्या के मामले में एक गिरफ्तार
बांग्लादेश में पिछले महीने हुई ब्लॉगर अनंत विजॉय दास की हत्या के आरोप में एक फोटोग्राफर को गिरफ्तार कर लिया गया है. बांग्लादेश पुलिस का कहना है कि फोटोग्राफर को देश के सिलहट शहर से सोमवार को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक उसे गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया जहां से उसे सात दिन के लिए रिमांड पर लिया गया है. सिलहट पुलिस के शीर्ष अधिकारी कमरूल एहसान ने दावा किया है कि ब्लॉगर की हत्या के अन्य आरोपियों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा.
गौरतलब है कि पिछले महीने की 12 तारीख को दास की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी. चार नकाबपोश हमलावरों ने उन पर चाकू से उस वक्त हमला किया जब वे सिलहट शहर के सुबिडबाजार इलाके स्थित अपने घर के पास थे. उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी. आतंकवादी संगठन अल कायदा की इकाई ‘अलकायदा इन द इंडियन सबकॉंटीनेंट’ ने उऩकी हत्या की जिम्मेदारी ली थी. विजॉय दास की हत्या से पहले भी दो और ब्लागरों की बांग्लादेश में हत्या कर दी गई थी. इऩ तीनों ही ब्लॉगरों को कट्टरपंथ के खिलाफ लिखने के लिए जाना जाता था.