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पिछले दिनों गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में सात साल के एक छात्र प्रद्युम्न की हत्या का मामला काफी चर्चा में था. इस घटना के दो दिन बाद ही हरियाणा पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए स्कूल बस के कंडक्टर अशोक कुमार को गिरफ्तार किया था. हालांकि बाद में सीबीआई को इसकी जांच सौंपी गई जिसने इस हत्या के लिए रायन स्कूल के ही ग्यारहवीं के एक छात्र को जिम्मेदार ठहराया. सीबीआई के मुताबिक आरोपित छात्र ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है. इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि पुलिस ने ड्राइवर अशोक कुमार को गिरफ्तार करने के बाद भी मीडिया से ऐसा ही कहा था. हालांकि अब सीबीआई जांच में यह बात सामने आई है कि अशोक ने पुलिस के दबाव में अपराध स्वीकार किया था.

इनयूथ की यह वीडियो रिपोर्ट इस केस में अशोक कुमार का पक्ष रखती है और बताती है कि केवल शक के आधार पर हुई उनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके साथ कैसा अमानवीय व्यवहार किया था. पुलिस हिरासत में अशोक के साथ जो बर्बरता हुई, उसका नतीजा यह है कि वे अब अपनी आपबीती सुनाने की हालत में भी नहीं हैं और किसी तरह टूटे-फूटे शब्दों में कुछ-कुछ बातें बताते हैं. अशोक का कहना है कि पुलिस ने कई बार उनको उल्टा लटकाकर मारा, कभी नशे के इंजेक्शन दिए तो कभी बिजली का करंट लगाकर टॉर्चर किया. फिलहाल अशोक सोहना जिले के अपने गांव घांबरोज लौट आए हैं जहां उनका परिवार उन्हें सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश में लगा है. हालांकि उनके परिजन इस बात की आशंका भी जताते हैं कि अब शायद ही अशोक वापस कभी काम पर लौट पाएं.

यह वीडियो रिपोर्ट इस मामले पर उनके परिवार का पक्ष तो रखती ही है, साथ ही परिवार में इकलौते कमाने वाले की नौकरी छूटने के बाद घर की बिगड़ी हुई आर्थिक स्थिति भी बताती है. प्रद्युम्न की हत्या ने न सिर्फ उसके खुद के परिवार को, बल्कि इस परिवार को भी बहुत बुरी तरह प्रभावित किया है.

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हममें से ज्यादातर लोग कुछ भी अलग करने से पहले यह जरूर सोचते हैं कि ‘लोग क्या कहेंगे.’ हालांकि कम उम्र में हमें इस बात की ज्यादा परवाह नहीं होती, लेकिन हम जैसे-जैसे बड़े होते जाते हैं, लोगों की राय से प्रभावित होने लगते हैं. ‘लोग क्या कहेंगे’ के इस खतरनाक हमले का सामना सिर्फ हम हिंदुस्तानियों को ही नहीं करना पड़ता, ठीक हमारे जैसी ही सभ्यता-संस्कृति वाले हमारे पड़ोसी पाकिस्तान में भी लोग इन तीन शब्दों से डरते हैं. इसी पर पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल ‘तीली’ ने एक दिलचस्प वीडियो बनाया है.

यह वीडियो एक लड़की के सोशल मीडिया पर फोटो अपलोड करने का किस्सा दिखाता है. इस ‘अपराध’ में उसे लोगों की अदालत में पेश होना पड़ता है जहां ‘पड़ोसी,’ ‘रिश्तेदार’ और ‘अनजान लोगों’ की एक बेंच उसकी सुनवाई करती है. यह वीडियो बड़े चुटीले तरीके से लोगों के कहने और उस पर ध्यान देने वालों पर तंज करता है. गौर करने वाली बात यह भी है कि लोग क्या कहेंगे वाली यह समस्या भारत और पाकिस्तान में इतनी एक जैसी है कि अगर यह ना बताया जाए कि यह वीडियो पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल ने बनाया है तो ज्यादातर लोगों को यह बस उर्दू में बना एक मजेदार वीडियो लग सकता है.

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आप के दिमाग में जो कुछ भी आता है - जैसे लिपस्टिक या जूते या बिस्तर. सोचिए, अगर ये सब आपको कार की शक्ल में मिलें तो? कहने का मतलब है कि इन चीजों के आकार की कार मिले तो! इस तरह की कारें देखना बहुत रोमांचित करने वाला अनुभव है जो आपको इस वीडियो के जरिए भी मिल सकता है. हिस्ट्री टीवी चैनल द्वारा बनाया गया यह वीडियो हैदराबाद के सुधा कार्स म्यूजियम की सैर करवाता है. यह संग्रहालय निराली और असाधारण गाड़ियों का कलेक्शन दिखाता है.

वीडियो में सुधा कार म्यूजियम के मालिक और इन निराली कारों के शौकीन ‘के सुधाकर’ से हुई एक छोटी सी बातचीत भी शामिल है. इसमें वे बताते हैं कि कैसे 14 साल की उम्र से उन्होंने पहले साइकिलें बनाना शुरू किया और फिर वैकी (अतरंगी) कारों का एक कलेक्शन तैयार कर डाला है. सुधाकर सिगरेट से लेकर, सैंडल, फुटबाल, कम्प्यूटर, चेसबोर्ड, बैंगन जैसी करीब 42 से ज्यादा वैकी कारें डिजाइन कर चुके हैं. ये सभी कारें हैदराबाद के इस संग्रहालय में मौजूद हैं. सुधाकर सबसे ज्यादा अतरंगी कारें डिजाइन करने के रिकॉर्ड के लिए अब लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी आवेदन करने जा रहे हैं.