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सोशल मीडिया, खासकर यूट्यूब पर लोकप्रिय होने वाले किसी भी कॉन्टेंट की कॉपी होना या उसकी पैरोडी बनना बहुत आम है. इसी से जुड़ी एक आम समझ कहती है कि कॉपी करने वाला व्यक्ति हमेशा ओरिजिनल आइडिया सोचने/बनाने वाले की तुलना में कम प्रतिभावान होता है. बहुत कम ही ऐसे मौके होते हैं जब यह सोच गलत साबित हो, लेकिन यह वीडियो इसी सोच को कमजोर करता दिखता है. फेसबुक और यूट्यूब पर इन दिनों सात साल की एक बच्ची गुंचा खान के वीडियो खूब शेयर किए जा रहे हैं. यह बच्ची कौन है और कहां की है, इसका पता तो नहीं चलता, लेकिन यह कितनी टैलेंटेड है, वीडियो देखकर यह जरूर जाना जा सकता है. दरअसल गुंचा एक लोकप्रिय चैनल ‘मेक जोक ऑफ’ के वीडियोज की हूबहू नकल करती हैं यानी उसमें मौजूद तमाम किरदारों की आवाजें निकालती हैं.

गुंचा से पहले उस यूट्यूब चैनल की भी चर्चा कर लेते हैं जो पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर लगातार चर्चाएं बटोर रहा है. ‘मेक जोक ऑफ’ या ‘एमजेओ’ के नाम से मशहूर इस चैनल पर मजेदार कॉमेडी वीडियोज शेयर किए जाते हैं. औसत से भी कम स्तर के एनिमेशन वाले इन वीडियोज की खासियत इनका कॉन्टेंट नहीं बल्कि इनका भदेसपन है और यही इनकी लोकप्रियता की वजह भी है. इनमें कानपुर के किसी गली-नुक्कड़ पर होने वाले संवादों को ईमानदारी से एक किस्से में ढालकर वीडियो की शक्ल दे दी जाती है. यहां कोई दो-तीन किरदार आपस में निपट ‘कनपुरिया’ अंदाज में बातचीत, या कहें रंगबाजी करते नजर आते हैं.

एमजेओ वीडियोज से साफ पता चलता है कि इसमें वॉइस ओवर के लिए कई लोगों की आवाजें इस्तेमाल की गई हैं, लेकिन गुंचा खान बारी-बारी से वो सभी आवाजें निकालती हैं. यह देखना भी दिलचस्प है कि लगभग सात-आठ साल की यह छोटी सी लड़की न सिर्फ इन वीडियोज की स्क्रिप्ट और संवाद भली तरह से याद रखती है बल्कि उन्हें किस तरह से बोलना है, इसका भी ध्यान रखती है. एकदम सही मॉड्युलेशन और एक्सप्रेशंस के साथ कैमरे का सामना करते हुए गुंचा एक बार भी नहीं अटकतीं और एक बार में ही पूरे वीडियो का वॉइस ओवर दोहरा देती हैं. इस तरह गुंचा, टैलेंट का गुंचा बनकर अपने नाम को सार्थक करती हैं.

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