अपनी कानून-व्यवस्था को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाला उत्तर प्रदेश गंभीर अपराधों के मामले में सबसे आगे है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के मुताबिक बीते साल उत्तर प्रदेश में हत्या और महिलाओं के खिलाफ अपराध के सबसे ज्यादा मामले सामने आए. देश के सबसे बड़े राज्य में बीते साल हत्या के 4,889 मामले दर्ज हुए, जो देश में दर्ज कुल मामलों का 16.1 फीसदी है. वहीं, इसके बाद बिहार में हत्या के 2,581 मामले दर्ज हुए.

एनसीआरबी आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में हत्या ही नहीं, बल्कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले भी सबसे ज्यादा रहे. बीते साल यहां महिलाओं के खिलाफ अपराध के 49,262 मामले दर्ज हुए जो राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज मामलों का 14.5 फीसदी है. पश्चिम बंगाल में ऐसे मामलों की संख्या 32,513 रही. यह राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज मामलों का 9.6 फीसदी है.

एनसीआरबी के आंकड़ों से देश में महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाओं की एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है. बीते साल देश में बलात्कार के मामले 12.4 फीसदी बढ़ गए. 2015 में बलात्कार के 34,651 मामले दर्ज हुए थे, जिसकी तुलना में 2016 में 38,947 मामले दर्ज हुए. इनमें मध्य प्रदेश में बलात्कार के सबसे ज्यादा 4,882 मामले सामने आए. उत्तर प्रदेश में बलात्कार के मामलों की संख्या 4,816 रही. तीसरे नंबर पर रहे महाराष्ट्र में बीते साल बलात्कार के 4,189 मामले दर्ज हुए.

एससीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक 2016 में अलग-अलग अपराधों में पूरे देश में 37,37,870 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इनमें से 32,71,262 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुए. आंकड़ों के अनुसार 2016 में लगभग आठ लाख लोग अलग-अलग अपराधों में दोषी ठहराए गए, जबकि लगभग 11.5 लाख लोगों को बरी कर दिया गया.