दक्षिण भारत में ओक्खी चक्रवात से जान-माल का नुकसान बढ़ता जा रहा है. इससे तमिलनाडु और केरल में अब तक नौ लोगों की जान जा चुकी है. तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि 22 मछुवारे लापता हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए 16 पुनर्वास केंद्र बनाए हैं. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीसामी ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये देने की घोषणा की है.

वहीं, केरल में इससे चार लोगों की मौत हुई है. इंडिया टुडे के अनुसार केरल में कोच्चि से रवाना 250 नावें और उसमें सवार 200 लोग लापता हैं. मुख्यमंत्री पी विजयन ने राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की तैयारी में खामियां होने की बात कही है. इसके साथ उन्होंने हैदराबाद से राज्य को सही समय पर चेतावनी नहीं भेज जाने का भी आरोप भी लगाया है. उधर, नौसेना और तटरक्षक बल ने त्रिवेंद्रम में समुद्र में फंसे 59 लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया है.

हालांकि, ओक्खी चक्रवात केरल की सीमा से अरब सागर की ओर बढ़ गया है. लेकिन भारतीय मौसम विभाग मुताबिक यह अगले 12 घंटे में और अधिक गंभीर हो सकता है. इसके अगले 24 घंटे में लक्षद्वीप से गुजरने का अनुमान है. इससे यहां पर भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है. इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक से बात कर स्थिति की जानकारी ली है. वहीं, गृह मंत्रालय ने बताया है कि प्रभावित इलाकों के लिए एनडीआरएफ टीमें भेज दी गई हैं और हालात पर नजर रखी जा रही है.