पहले टेस्ट फिर वनडे और फिर टी20, लेकिन क्या क्रिकेट का इससे भी छोटा प्रारूप उसे खेलने और देखने वालों को लुभा सकता है? भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग की मानें तो खेल अगर 10 ओवर का हो तो वह भी क्रिकेट की रोचकता और गुणवत्ता पर कोई असर नहीं डालेगा. भारत के इस पूर्व सलामी बल्लेबाज का यह भी कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) क्रिकेट को ओलंपिक में शामिल कराना चाहती है तो इसके लिए उसे 10 ओवर के इस आदर्श प्रारूप पर ध्यान देना चाहिए.

वीरेंद्र सहवाग एक बार फिर क्रिकेट के मैदान पर वापसी कर रहे हैं. इस बार वे शारजाह में हो रही टी10 क्रिकेट लीग में मराठा अरबियन टीम के कप्तान के तौर पर खेलते दिखाई देंगे. बीते गुरुवार को सहवाग ने मुंबई में अपनी टीम के लोगो को लॉन्च किया. इस दौरान उन्होंने क्रिकेट के इस नए फ़ॉर्मेट पर जमकर चर्चा भी की.

वीरेंद्र सहवाग ने कहा, ‘इन दिनों क्रिकेट को ओलंपिक में शामिल करने को लेकर काफी चर्चा चल रही है...मेरा मानना है कि इसके लिए टी10 फ़ॉर्मेट सबसे सही है. इसकी ख़ास बात ये है कि यह एक फुटबाल मैच की तरह केवल 90 मिनट में खत्म हो जाता है साथ ही परिणाम आना भी निश्चित है. अगर ओलंपिक खेलों में क्रिकेट को शामिल कराने को लेकर आईसीसी गंभीर है तो उसे इस छोटे प्रारूप पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि यह ओलंपिक के लिहाज से एकदम सही है.’ उन्होंने आगे यह भी जोड़ा कि 20 ओवर या दस ओवर के खेल में ज्यादा अंतर नहीं है और इनमें लगभग एक जैसी ही क्रिकेट देखने को मिलेगी.

वीरेंद्र सहवाग जिस टी10 लीग में हिस्सा ले रहे हैं वह शारजाह में 14-17 दिसंबर तक होगी. इसमें 39 वर्षीय सहवाग के अलावा पूर्व श्रीलंकाई विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार संगकारा, वसीम अकरम और मोहम्मद आमेर जैसे दुनिया के कई पूर्व और मौजूदा स्टार क्रिकेटर क्रिकेट खेलते हुए दिखाई देंगे.

इस प्रारूप को प्रोत्साहित करने के पीछे वीरेंद्र सहवाग एक और बड़ी वजह बताते हैं. वे कहते हैं, ‘खेल के इस छोटे स्वरूप को वे देश भी अपना सकते हैं जो अभी तक क्रिकेट से दूरी बनाए हुए थे. इसमें कोई एक बल्लेबाज या एक गेंदबाज भी अपने दम पर मैच जितवा सकता है.और मुझे लगता है कि दुनिया का हर देश ऐसे एक या दो खिलाड़ी तो पैदा कर ही लेगा.’ भारत के इस सलामी बल्लेबाज के मुताबिक ऐसे में दुनिया के अधिकांश देश ओलंपिक में होने वाले क्रिकेट में हिस्सा ले सकेंगे. इसके बाद क्रिकेट को ओलंपिक में शामिल करने की राह का सबसे बड़ा कांटा दूर हो जाएगा. क्योंकि तब कोई यह नहीं कह सकेगा कि यह बस चंद देशों का ही खेल है. वे कहते हैं, ‘अब यह विचार आईसीसी को करना है कि वह ओलंपिक समिति से बातचीत में इस प्रारूप को पेश करना चाहती है या नहीं.

उलटफेर की बड़ी संभावना

मराठा अरेबियन टीम के सह-मालिक और बॉलीवुड स्टार सलमान खान के भाई सोहेल खान मानते हैं कि भले ही यह प्रारूप छोटा हो लेकिन इसमें भी उलटफेर होने की संभावना मैच के अंत तक रहती है. सोहेल हाल ही में भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुई टी20 सीरीज के एक मैच की बात करते हुए कहते हैं, ‘भारत और न्यूजीलैंड के बीच एक मैच आठ-आठ ओवर का कर दिया गया था. जिसमें सिर्फ 50-60 रन का स्कोर ही बन सका था लेकिन यह मैच काफी रोमांचक था. यदि कोई एक बल्लेबाज आउट हो जाता तो अगले बल्लेबाज की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती थीं.’ सोहेल आगे कहते हैं, ‘यह मैच देखने के बाद मुझे यकीन हो गया है कि टी10 प्रारूप भी काफी रोमांचक होगा और इसमें भी बड़े-बड़े उलटफेर देखने को मिलेंगे.’

टी10 लीग और इसमें भारतीय क्रिकेटरों की स्थिति

संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह शहर में होने वाली इस क्रिकेट लीग को अमीरात क्रिकेट बोर्ड द्वारा कराया जा रहा है. यह लीग यूएई के मशहूर कारोबारी सैजुल उल मुल्क के दिमाग की उपज है जो इस लीग के चेयरमैन भी हैं. इस टी10 लीग को आईसीसी द्वारा आधिकारिक रूप से अनुमति भी प्रदान की गई है.

हालांकि, क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था से हरी झंडी मिलने के बाद भी भारतीय क्रिकेटर इसका हिस्सा नहीं बन सकेंगे. दरअसल, अपने अनुबंधित खिलाड़ियों को लेकर बीसीसीआई की नीति यह है कि भारतीय पुरुष क्रिकेटर आईपीएल को छोड़कर दुनिया की किसी भी लीग में हिस्सा नहीं ले सकते.

बीसीसीआई के सख्त नियमों के चलते इस लीग में भारत की ओर से एक मात्र क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ही शामिल हो पा रहे हैं. यह इस खेल में निवेश करने वालों की भी सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है. हालांकि, इस मामले में लीग के चेयरमैन सैजुल उल मलिक का कहना है कि वे भारतीय क्रिकेटरों को इस लीग में शामिल करने के प्रयास कर रहे हैं और उन्हें विश्वास है कि अगले कुछ सीजन में वे ऐसा करने में कामयाब हो जाएंगे.

हालांकि, वीरेंद्र सहवाग ऐसा नहीं मानते. उनके मुताबिक मौजूदा भारतीय क्रिकेट टीम के किसी भी सदस्य के इस लीग में शामिल होने की संभावना न के बराबर है. लेकिन, सहवाग को उम्मीद है कि अगले साल उनके साथ खेलने वाले कुछ पूर्व क्रिकेटर जरूर इस लीग में खेलते दिखाई पड़ सकते हैं.