राजधानी दिल्ली में एक चर्चित अस्पताल द्वारा जीवित नवजात को मरा बताकर उसे घरवालों को सौंपने का मामला सामने आया है. खबरों के मुताबिक यह दिल्ली के शालीमार बाग स्थित इलाके की घटना है. बताया जाता है कि मैक्स अस्पताल द्वारा पॉलिथीन में उन्हें सौंपे गए नवजात को जब परिवारवाले अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे थे तो उन्हें बच्चे के शरीर में हरकत होती दिखाई दी. उन्होंने पाया कि उसकी सांस चल रही है. इसके बाद बच्चे को एक दूसरे अस्पताल में भर्ती किया गया जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. डॉक्टरों का कहना है कि अब उसके बचने के आसार बेहद कम हैं.

उधर, मैक्स अस्पताल ने कहा है कि इस मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं. अस्पताल के मुताबिक बच्चे की डिलिवरी में शामिल डॉक्टर को छुट्टी पर भेज दिया गया है. पुलिस ने भी मामला दर्ज कर लिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस मामले को दुखद बताया है और कहा है कि उन्होंने दिल्ली सरकार से इसकी जांच करने को कहा है. उधर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि जांच के आदेश दे दिए गए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

इस साल जून में भी दिल्ली के एक अस्पताल में ऐसा ही एक मामला सामने आया था. सफदरजंग अस्पताल में इसी तरह एक नवजात को मृत घोषित करके घरवालों को सौंप दिया गया था. बाद में पता चला कि उसी सांसें चल रही थीं. इसके बाद फिर से उसे अस्पताल में भर्ती किया गया था लेकिन, 24 घंटे बाद उसकी मौत हो गई थी.