आंध्र प्रदेश में 2019 में विधानसभा चुनाव हैं. पर वहां इसकी हलचल अभी से सुनाई देने लगी है. बेंगलोर मिरर के मुताबिक प्रदेश की चंद्रबाबू नायडू सरकार ने उच्च तबकों में शुमार होने वाले कापू समुदाय को पांच फ़ीसदी आरक्षण देने का फ़ैसला किया है. इसके लिए इस समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में शामिल किया जाएगा.

ख़बर के मुताबिक सरकार के फैसले पर राज्य विधानसभा में शनिवार (दो दिसंबर) काे विचार किया जा रहा है. इस बात की पूरी संभावना है कि विधानसभा इसे मंज़ूरी दे देगी. इसके बाद विधानसभा से पारित संकल्प को राष्ट्रपति की मंज़ूरी के लिए भेजा जाएगा. वहां से इसे हरी झंडी मिली तो कापू समुदाय को आरक्षण मिल जाएगा, जो इसके लिए गुजरात के पाटीदारों की तरह काफ़ी लंबे समय से (करीब तीन दशक से) आंदोलन कर रहा है.

हालांकि कापू समुदाय को आरक्षण दिए जाते ही आंध्र प्रदेश में इसका कुल प्रतिशत 51 हो जाएगा. यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई 50 फ़ीसदी आरक्षण की सीमा से अधिक है. ऐसे में प्रस्ताव को लागू करने में संवैधानिक अड़चन आना तय माना जा रहा है. दूसरी तरफ कापू समुदाय को ओबीसी में शामिल करने की कोशिश का अन्य पिछड़ी जातियों के कई संगठन खुला विरोध भी कर चुके हैं. सरकार को उनसे भी परेशानी हो सकती है.