विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि आतंकवाद को किसी धर्म या समुदाय से जोड़ कर नहीं देखा जा सकता. टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़ रूस के सोची में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन की सालाना बैठक (एससीओ-2017) में उन्होंने कहा, ‘हमें यह बात फिर कहनी चाहिए कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या समुदाय से नहीं जोड़ा जा सकता और न जोड़ा जाना चाहिए.’ विदेश मंत्री ने आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की और कहा कि इसका किसी भी तरह से समर्थन नहीं किया जा सकता.

सुषमा स्वराज के मुताबिक एससीओ के सदस्य देशों को आतंकवाद को लेकर खुफिया जानकारी साझा करने की व्यवस्था को और बेहतर करना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत एससीओ में सहयोग को बढ़ावा के लिए प्रतिबद्ध है और सभी देशों से व्यापक, सहायक व स्थायी सुरक्षा के लिए साथ काम करने की मांग करता है. सम्मेलन में सुषमा ने कहा, ‘हम अपने समाजों में सहयोग और विश्वास को बढ़ाना चाहते हैं. इसके लिए ज़रूरी है कि हम एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करें.’ भारत और पाकिस्तान दोनों को मध्य एशियाई देशों के इस समूह में स्थाई सदस्यता दी गई है. इस पर सुषमा स्वराज ने सम्मेलन में मौजूद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को शाहिद अब्बासी को शुभकामनाएं दीं.