अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जेरूसलम को इजरायल की राजधानी की मान्यता दे सकते हैं. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक एक वरिष्ठ अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले हफ़्ते जेरूसलम को इजरायल की राजधानी घोषित कर सकते हैं. बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति छह दिसंबर को अपने भाषण के दौरान यह घोषणा करेंगे. इस कदम के तहत अमेरिकी दूतावास को इजरायल के शहर तेल अवीव से जेरूसलम स्थांतरित किया जाएगा.

अधिकारी ने यह भी बताया कि इस घोषणा के साथ ही (जेरूसलम को लेकर) अमेरिका की दशकों पुरानी नीति समाप्त हो जाएगी. लेकिन इससे मध्य पूर्व में बड़ी उथल-पुथल पैदा हो सकती है. इजरायल और फिलिस्तीन की दुश्मनी के बीच जेरूसलम की स्थिति दुनिया के सबसे विवादित मुद्दों में से एक है. दोनों ही देश इसे अपनी राजधानी होने का दावा करते हैं. यह जगह ईसाइयों, यहूदियों और मुसलमानों के लिए एक पवित्र स्थल भी है. ये सभी समुदाय जेरूसलम पर इजरायल के दावे को मान्यता नहीं देते. इस स्थिति में जरा भी बदलाव की मध्य पूर्व और दूसरे मुस्लिम बहुत देशों में बड़ी प्रतिक्रिया हो सकती है.

इसकी संभावनाएं अभी से दिखने लगी हैं. अल जजीरा की खबर के मुताबिक फिलिस्तीन के राष्ट्रपति के कार्यालय और अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जेरूसलम पर उनके दावे को खारिज किए जाने के विनाशकारी प्रभाव हो सकते हैं. फिलिस्तीनी कूटनीतिज्ञ और पीएलओ कार्यकारी समिति के महासचिव साएब एरकात ने कहा कि जेरूसलम केवल फिलिस्तीनियों ही नहीं बल्कि अरब के लोगों, मुसलमानों और ईसाइयों के लिए भी महत्वपूर्ण है. साएब ने कहा कि जेरूसलम से छेड़छाड़ करना आग के साथ खेलने जैसा है.