सड़कों पर ट्रकों की वजह से बढ़ते हादसों को देखते हुए परिवहन मंत्रालय ने एक अहम फैसला लिया है. विभाग की तरफ से जारी एक अधिसूचना के मुताबिक जनवरी 2018 से बाजार में आने वाले सभी ट्रकों के केबिनों का एयर कंडीशंड होना अनिवार्य होगा. इस अधिसूचना के तहत एयर कंडीशनर न होने की स्थिति में उन उपकरणों को इस्तेमाल में लाया जाएगा जो एआईएस (ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टेंडर्ड) -056 के अनुसार केबिन के तापमान को नियंत्रित रखेंगे.

एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन किया है जिसे सेंट्रल मोटर व्हीकल कानून-2017 नाम दिया गया है. इसके तहत ट्रक जैसे वाहनों, जिनके सिर्फ चेसी की बिक्री होती है, के निर्माताओं को वाहन के केबिन का तापमान अनुकूल बनाए रखने के लिए उपर्युक्त किट की आपूर्ति करनी होगी. ऑटोविशेषज्ञों का मानना है कि लंबे सफर के दौरान ट्रकों के केबिन का तापमान बाहर से काफी ज्यादा बढ़ जाता है. इस स्थिति में ट्रक ड्राइवरों के थककर चिड़चिड़े होने और उनकी एकाग्रता कम होने की वजह से दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है. ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार की यह पहल ट्रकों की वजह से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में निश्चित ही सकारात्मक नतीजे लाने वाली साबित होगी.

सेलेरियो का नया अवतार लॉन्च

देश की प्रमुख कार निर्माता कंपनी मारुति-सुज़ुकी ने अपनी पहली ऑटोमेटिक हैचबैक कार सेलेरियो का नया अवतार ‘एक्स’ पेश किया है. कंपनी ने सेलेरियो में कई सारे कॉस्मेटिक बदलाव कर इसे स्पोर्टी लुक और क्रॉसओवर स्टाइल में पेश किया है. हालांकि नई सेलेरियो को कंपनी ने अपने मौजूदा मॉडल की ही तरह सिर्फ पेट्रोल इंजन के साथ चार वेरिएंट- वीएक्सआई, वीएक्सआई(ओ), ज़ेडएक्सआई और ज़ेडएक्सआई(ओ) में उपलब्ध करवाया है. ये सारे ही वेरिएंट मैनुअल के साथ ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन विकल्प के साथ बाजार में उतारे गए हैं.

इस कार को लॉन्च करते समय मारुति-सुज़ुकी इंडिया की मार्केटिंग और सेल्स टीम के सीनियर एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर आर एस कल्सी का कहना था, ‘इस सेगमेंट में बहुत ज्यादा प्रतिस्पर्धा होने के बावजूद सेलेरियो ने बाजार में अपनी एक खास जगह बना रखी है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘सेलेरियो एक्स को नया स्टाइल पसंद करने वाले युवा खरीददारों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. हमें विश्वास है कि यह नई कार कंपनी की बिक्री को और ज्यादा बढ़ाने में मदद करेगी.’

यदि हम इस नई कार के लुक्स की बात करें तो कंपनी ने ब्लैक प्लास्टिक क्लैडिंग के इस्तेमाल से नई शक्ल देने की कोशिश की है. सेलेरियो एक्स में ब्लैक रेडिएटर ग्रिल के साथ एयर डैम दिए गए हैं जो नए फ्रंट बंपर और बड़े फॉगलैंप्स के साथ मिलकर इस कार को एक फ्रेश अपील देते हैं. हालांकि पीछे की तरफ इस कार में कंपनी ने कुछ खास बदलाव नहीं किए हैं लेकिन पैपरिका ऑरेंज जैसा नया स्पोर्टी कलर सेलेरियो एक्स को बिल्कुल नया बनाता है. परफॉर्मेंस के मामले में इस कार में 998 सीसी का के-10 इंजन लगा है जो 67 बीएचपी पॉवर के साथ 90 एनएम का अधिकतम टॉर्क पैदा करने में सक्षम है. सेलेरियो एक्स की कीमत अलग-अलग वेरिएंट के हिसाब से 4.57 लाख से लेकर 5.42 लाख रुपए (दिल्ली-एक्सशोरूम) तय की गई है.

बता दें कि करीब तीन साल पहले लॉन्च हुई यह कार मध्यम वर्ग से जुड़े उन लोगों के लिए वरदान साबित हुई थी जो कार खरीदना तो चाहते थे, लेकिन इनकी ड्राइविंग में जटिलताओं के चलते हिम्मत नहीं जुटा पाते थे. लिहाजा आम हिंदुस्तानी के लिए कार बनाने से शुरुआत करने वाली मारुति ने भारतीयों की इस समस्या का भी हल ढूंढ निकाला और कम बजट में बाजार के सामने सेलेरियो के रुप में एक ऐसी ऑटोमेटिक कार पेश की जिसकी माइलेज आम धारणा से अलग यानी काफी बेहतर थी. यही कारण है कि लॉन्च होने के बाद से ही सेलेरियो को खूब सराहा गया है जिसके चलते अब तक इस कार की तीन लाख से ज्यादा यूनिट बेची जा चुकी हैं जो सेगमेंट के लिहाज से एक सम्मानजनक आंकड़ा है.

ऑटोमोबाइल सेक्टर में शानदार बढ़ोतरी

फेस्टिव यानी त्योहारी सीजन और शादी-विवाहों के चलते नवंबर के दौरान देश में वाहनों की बिक्री में शानदार बढ़त देखने को मिली है. एक रिपोर्ट के मुताबिक इनमें मारुति-सुज़ुकी, फोर्ड, ह्युंडई और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी प्रमुख कंपनियों के वाहन शामिल हैं. इन कंपनियों के मुताबिक शादियों की वजह से ग्रामीण बाजारों से आ रही जबरदस्त मांग और नए मॉडलों के प्रति ग्राहकों के बढ़ते आकर्षण के चलते वाहन बिक्री में यह वृद्धि देखने को मिली है.

एक नजर आंकड़ों पर डालें तो देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति-सुज़ुकी इंडिया की नवंबर माह की बिक्री पिछले साल से 14.1 प्रतिशत बढ़कर 1,54,600 वाहन पहुंच गई. कंपनी के मुताबिक उसके घरेलू वाहनों की बिक्री पिछली साल के 1,26,325 यूनिट वाहन से 15 फीसदी अधिक यानी 1,45,300 वाहन रही है. इसी तरह ह्युंडई मोटर इंडिया लिमिटेड के घरेलू वाहनों की बिक्री भी पिछले नवंबर की तुलना में 10 प्रतिशत बढ़कर 44,008 यूनिट रही है. कंपनी के बिक्री निदेशक राकेश श्रीवास्तव के मुताबिक इस उपलब्धि के पीछे हाल ही में लॉन्च हुई नई वेर्ना, ग्रैंडआई-10, एलीट आई-20 और क्रेटा का योगदान रहा है. फोर्ड इंडिया की बात करें तो कंपनी ने नवंबर में 28.63 फीसदी की बढ़त के साथ कुल 27,019 वाहन बेचे हैं. इस दौरान घरेलू बाजार में भी कंपनी ने 13.1 फीसदी बढ़त के साथ 7,777 यूनिट का आंकड़ा पार कर लिया जिसके पीछे कंपनी की कॉम्पैक एसयूवी फोर्ड का नया अवतार प्रमुख कारण है.

वाणिज्यिक वाहनों में महिंद्रा एंड मंहिद्रा के ट्रैक्टर की बिक्री में 22,754 यूनिट के साथ 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है. वहीं हिंदुजा समूह की प्रमुख कंपनी अशोक लीलेंड के वाहनों की बिक्री भी पहले से 51 फीसदी बढ़कर 14,460 यूनिट पहुंच गई. कृषि उपकरण बनाने के लिए पहचाने जाने वाली एस्कॉर्ट्स एग्री मशीनरी के ट्रैक्टरों की बिक्री 6.51 फीसदी बढ़कर 5,119 यूनिट दर्ज की गई. छोटे दुपहिया वाहनों की तरफ देखें तो बजाज ऑटो की नवंबर माह में कुल बिक्री 21 प्रतिशत बढ़कर 3,26,458 यूनिट पहुंच गई. इसमें मोटरसाइकिलों की बिक्री 2,63,970 यूनिट रही है जो पिछले साल से 11 प्रतिशत ज्यादा है.