क्या आने वाले वक्त में कंगना रनोट को भी दीपिका जितनी मुश्किल झेलनी होगी?

कंगना रनोट की रातों की नींद अब तक उड़ चुकी होगी. रितिक विवाद की वजह से नहीं, बल्कि ‘पद्मावती’ पर मचे घमासान की वजह से. वे खुद रानी लक्ष्मी बाई जैसी ऐतिहासिक महत्व की शख्सियत पर ‘मणिकर्णिका’ नामक फिल्म बना रही हैं. कहा जा रहा है कि यह फिल्म जयश्री मिश्रा की 2008 में आई हिस्टॉरिकल फिक्शन बुक ‘रानी’ पर आधारित है. यथार्थ और कल्पना के मेल-जोल से तैयार इस किताब में रानी लक्ष्मी बाई के निजी जीवन (प्यार-मोहब्बत) पर भी तफसील से बात की गई थी और इस वजह से रिलीज होते ही उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पर बैन लगा दिया था.

अब जब ‘पद्मावती’ पर बिना बात इतना बवाल मच गया है तो यह कहना कतई जल्दबाजी नहीं होगी कि ‘मणिकर्णिका’ भी रिलीज के वक्त आग की इन लपटों से बच नहीं पाएगी. कंगना के लिए यह फिल्म वैसे भी एक बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट रहा है क्योंकि इसे मन-माफिक बनाने के लिए उन्होंने केतन मेहता तक को किनारे कर दिया था. ऐसे में शांतिपूर्वक फिल्म की रिलीज सुनिश्चित करना कंगना के लिए अब बेहद जरूरी हो जाएगा.

कुछ दिन पहले तक यह भी लग रहा था कि ऐसा कुछ विवाद होने पर कंगना को फिल्म इंडस्ट्री का वही सपोर्ट मिलेगा जो ‘पद्मावती’ विवाद में दीपिका पादुकोण को मिल रहा है. लेकिन हाल ही में कंगना द्वारा उठाए गए एक कदम ने सुनिश्चित कर दिया है कि भविष्य की एक और जंग में वो अलग-थलग पड़ने वाली हैं. खबर है कि दीपिका पादुकोण को नाक और गला काटने की धमकियां मिलने के बाद शबाना आजमी ने एक तरह का ‘दीपिका बचाओ’ कैंपेन फिल्म इंडस्ट्री में शुरू किया हुआ है. वे न सिर्फ इस तरह की धमकियों का विरोध कर रही हैं बल्कि सुप्रीम कोर्ट के एक वकील की मदद लेकर उन्होंने कड़क शब्दों में एक पत्र लिखा है जिसे मशहूर फिल्म हस्तियों से साइन करवाकर प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा.

आश्चर्य की बात है कि जया बच्चन, करीना कपूर, आलिया भट्ट से लेकर प्रियंका चोपड़ा, अनुष्का शर्मा और सोनाक्षी सिन्हा तक ने तो इस पीटिशन पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, लेकिन कंगना रनोट ने ऐसा करके दीपिका को सपोर्ट करने से साफ इंकार कर दिया. दीपिका से उनकी दुश्मनी काफी पहले से है और वे इस बात पर भी नाराज हैं कि जब हाल ही में उन्हें रितिक विवाद पर फीमेल एक्टर्स की जरूरत थी तो कोई उनके सपोर्ट में आगे नहीं आया था.

दूसरी तरफ कंगना रनोट के इस कदम ने शबाना आजमी सहित इंडस्ट्री की कई मुखर आवाजों को खफा कर दिया है. और हो सकता है कि उनकी ये नाराजगी ‘मणिकर्णिका’ की रिलीज के वक्त तक बनी रहे.

जब फिरंगी पर वाट्सएप आमंत्रण की मार पड़ी!

फिल्म इंडस्ट्री में सभी जानते हैं कि फराह खान के जो मन में आता है उसे वो बोले बिना रहती नहीं. चूंकि आजकल मन की बातें ट्विटर पर भी शेयर करने का चलन है तो हाल ही में उनकी इस आदत के चलते बेचारे कपिल शर्मा बदनाम हो गए.

हुआ ये कि ‘फिरंगी’ रिलीज होने के एक दिन पहले 30 नवम्बर को फराह खान ने सुबह-सुबह ट्विटर पर लिख डाला कि अगर आप चाहते हैं कि मैं आपकी फिल्म के प्रीमियर पर आऊं तो मुझे वाट्सएप पर ‘जनता इन्वाइट’ मत भेजो. पर्सनली फोन करो वर्ना उम्मीद मत करो क्योंकि अगर आपके पास मुझे आमंत्रित करने का टाइम नहीं है तो आपने कैसे सोच लिया कि मेरे पास आपके लिए होगा! फराह ने इस लंबे-चौड़े मैसेज को किन्हीं ‘मैनरलेस पीपल’ को सम्बोधित करते हुए लिखा था और जबसे लिखा है तब से इंडस्ट्री में सभी मानकर चल रहे हैं कि वो असभ्य इंसान कपिल शर्मा ही हैं.

हैं कि नहीं इस बात की पुष्टि भी उसी दिन रात को हो गई, जब कपिल शर्मा की ‘फिरंगी’ के प्रीमियर पर फराह खान कहीं नजर नहीं आईं. कपिल शर्मा ने फराह के अलावा तकरीबन सारी फिल्म इंडस्ट्री को अपनी फिल्म देखने के लिए आमंत्रित किया था लेकिन न बच्चन आए, न खान, न दीपिका, न परिणीति चोपड़ा. मतलब यह अफवाह सच साबित हुई कि स्टार्स भी आम इंसान जैसे ही होते हैं. वाट्सएप पर शादी/जन्मदिन/पार्टी का फॉरवर्ड इन्वाइट उन्हें भी दुख से भर देता है!

खैर, सुना है कि ‘फिरंगी’ देखने जब कोई बड़ा स्टार नहीं पहुंचा तो कपिल शर्मा ने हिमेश रेशमिया के साथ बैठकर उसे देखा!


‘आजकल चारों तरफ डर का माहौल है, लेकिन लोगों को यह झूठ बोलकर सुकून मिल रहा है कि कुछ नहीं हो रहा. वैसे सभी जानते हैं कि सच क्या है.’

— अनुराग कश्यप, निर्देशक

फ्लैशबैक | जब एक निर्देशक ने अपनी फिल्म के हीरो मनोज कुमार से ही उसका निर्देशन करवाया!

कुछ एक्टरों के बारे में हमेशा से कहा जाता रहा है कि वे निर्देशकों के काम में दखल देने के आदी रहे हैं. देव आनंद, दिलीप कुमार से लेकर आमिर खान व प्रियंका चोपड़ा तक पर आरोप लगते रहे हैं कि कई बार इन सितारों ने निर्देशन की कमान अपने हाथों में लेकर अपनी फिल्मों की दिशा और दशा बदली है. लेकिन मनोज कुमार से जुड़ा एक किस्सा बताता है कि उनसे इस तरह की ‘दखलअंदाजी’ करने की गुजारिश खुद फिल्म के निर्देशक ने की थी!

बात सन 1968 की है. मनोज कुमार ‘आदमी’ टाइटल से बन रही फिल्म की शूटिंग कर रहे थे और इस फिल्म में उनके साथ दिलीप कुमार और वहीदा रहमान मुख्य भूमिकाओं में थे. कहानी प्रेम-त्रिकोण थी और इस फिल्म को दिलीप कुमार के भावपूर्ण अभिनय के लिए आज भी सिनेप्रेमी याद करते हैं. एक बार इस फिल्म की शूटिंग के दौरान यह हुआ कि निर्देशक ए भीम सिंह बीमार पड़ गए. शूटिंग कुछ दिनों के लिए स्थगित करनी पड़ी और इस बीच दिलीप कुमार अपनी दूसरी फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हो गए. निर्देशक भीम सिंह को यह डर सताने लगा कि कहीं मनोज कुमार और वहीदा रहमान भी दूसरी फिल्मों में व्यस्त न हो जाएं. इसलिए उन्होंने निर्माता पीएस वीरप्पा से आग्रह किया कि मनोज-वहीदा के बीच वाले कुछ सीन मनोज कुमार से ही निर्देशित करवाएं जाएं. इस बीच स्वस्थ होकर वे फिर से फिल्म की कमान संभाल लेंगे और इस तरह न तो उन्हें (निर्माता) को नुकसान होगा, न ही सितारों की डेट्स जाया जाएंगी.

ऐसा चाहने की वजह यह भी थी कि एक साल पहले ही एक्टर मनोज कुमार ने अपनी पहली फीचर फिल्म निर्देशित की थी. ‘उपकार’ (1967) ने न सिर्फ दर्शकों की देशभक्ति को उफान पर लाकर हिट का दर्जा हासिल किया था बल्कि मनोज कुमार को उस साल का सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था. लेकिन जब मनोज कुमार से ‘आदमी’ के कुछ हिस्से शूट करने बाबत बात की गई तो उन्होंने मना कर दिया. कहते हैं कि वजह यह थी कि वहीदा रहमान सेट पर निर्देशक से कई सारे सवाल पूछने के लिए जानी जाती थीं और मनोज कुमार को यह पसंद नहीं था.

इसलिए निर्माता और निर्देशक ने पहले वहीदा रहमान से स्वीकृति ली और उसके बाद ही मनोज कुमार ने ‘आदमी’ के जरूरी दृश्यों को तय समय में निर्देशित कर दिया. और तो और, वहीदा रहमान भी उनके निर्देशकीय कौशल से इतनी प्रभावित हुईं कि शूटिंग के दौरान मनोज कुमार से एक भी सवाल नहीं पूछा!