केरल के चर्चित कथित लव जिहाद मामले में नए तथ्य सामने आए हैं. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का कहना है कि हादिया का पति शफीन जहां आतंकी संगठन आईएस के दो सदस्यों से संपर्क में था. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक हादिया से शादी होने से पहले कुछ महीनों के दौरान शफीन जहां का दो कथित आतंकियों मनसीद और पी साफवान से संपर्क था. वह एक मेसेजिंग एप्लिकेशन और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की राजनीतिक शाखा एसडीपीआई के फेसुबक ग्रुप के जरिए इन दोनों से जुड़ा था. ये दोनों उमर अल-हिंदी मामले में आरोपित हैं और इनके खिलाफ चार्जशीट भी दायर की गई है.

मनसीद और साफवान को पिछले साल अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया था. उमर अल-हिंदी मामला उस साजिश से जुड़ा है जिसके तहत आईएस से प्रेरित एक समूह हाई कोर्ट के जजों, पुलिस अधिकारियों और राजनेताओं को निशाना बनाने की फिराक में था. इस साजिश के तहत दक्षिण भारत की कई जगहों को भी निशाना बनाए जाने की योजना थी. एनआईए की जांच में पता चला है कि अपने कॉलेज के दिनों में शफीन एसडीपीआई का सक्रिय कार्यकर्ता और उसकी एक विंग ‘कैंपस फ्रंट’ की जिला समिति का सदस्य था. ये लोग फेसबुक ग्रुप ‘एसडीपीआई केरलम’ के सदस्य थे और उसके प्रशासकीय पैनल का भी हिस्सा थे. उनके एसडीपीआई क्लोज्ड फेसबुक ग्रुप का नाम ‘थानल’ था.

खबर के मुताबिक एनआईए का मानना है कि शफीन और हादिया शादी कराने वाली वेबसाइट वेटूनिकाहडॉटकॉम के जरिए नहीं मिले थे. एजेंसी के मुताबिक मनसीद और एसडीपीआई में उसके सहयोगियों और शफीन के एक दोस्त मुनीर की मदद से शफीन और हादिया करीब आए थे. एनआईए की बात हादिया और शफीन के केरल हाई कोर्ट में किए दावों के विपरीत है. वां उन्होंने कहा था कि उनकी शादी वेटूनिकाह डॉट कॉम वेबसाइट के जरिए हुई थी.

यह विवाद 2016 में शुरू हुआ था. तब अखिला रही हादिया ने हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपना लिया था और मुस्लिम युवक शफीन जहां से शादी कर ली थी. परिजनों द्वारा जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाए जाने के बाद मामला अदालत में गया था. केरल हाईकोर्ट ने इसे संदिग्ध लव जिहाद का मामला बताते हुए शादी को रद्द कर दिया था. अब मामला सुप्रीम कोर्ट में है जिसने एनआईए को मामले की जांच करने को कहा है. साथ ही, उसने हादिया को सलेम स्थित शिवराज होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई पूरी करने का आदेश दिया है. इससे पहले वह अपने माता-पिता के साथ रह रही थी. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि हादिया-शफीन जहां की शादी को रद्द करने वाले केरल हाई कोर्ट के फैसले पर अगले साल जनवरी में सुनवाई की जाएगी