भारत-अफ़ग़ानिस्तान अब पाकिस्तान को छुए बिना भी एक-दूसरे तक पहुंच सकते हैं. ईरान में चाबहार बंदरगाह के पहले चरण के उद्घाटन के साथ यह संभव हो सका है. ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने रविवार को इसका उद्घाटन किया है. इस मौके पर भारत के प्रतिनिधि के रूप में केंद्रीय जहाजरानी राज्य मंत्री पी राधाकृष्णन मौजूद थे.

द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक चाबहार बंदरगाह के जरिए भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच समुद्री रास्ते से व्यापार संभव हो सकेगा. इसके लिए सड़क मार्ग से पाकिस्तान होते हुए आना-जाना नहीं पड़ेगा. सिर्फ़ अफ़ग़ानिस्तान ही नहीं मध्य एशिया के अन्य देशों के साथ भी भारत का व्यापारिक आदान-प्रदान अब चाबहार के जरिए ही होने लगेगा.

ईरान के चाबहार बंदरगाह को भारत विकसित कर रहा है. यह पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से 85 किलोमीटर की दूरी पर है जिसे चीन विकसित कर रहा है. पाकिस्तान के ग्वादर में चीन के दख़ल के जवाब में भारत ने चाबहार बंदरगाह परियोजना को हाथ में लिया है. क्योंकि भारत, अफ़ग़ानिस्तान और ईरान के लिए इसकी रणनीतिक अहमियत भी हैं.

ख़बर के मुताबिक चाबहार परियोजना के पहले चरण के उद्घाटन से इतर भारत-अफ़ग़ानिस्तान-ईरान बे बीच मंत्रिस्तरीय बैठक भी हुई. इसमें त्रिपक्षीय पारगमन (ट्रांजिट) एवं व्यापारिक समझौते पर भी बातचीत की गई. इस समझौते पर हालांकि ईरान ने अभी मुहर नहीं लगाई है. मगर भारत ने उम्मीद जताई है कि ईरान जल्द इसको अनुमोदित कर देगा.