अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जेरूसलम को इजरायल की राजधानी घोषित करने की संभावना ने अरब देशों में खलबली मचा दी है. फिलिस्तीन के बाद अरब देशों के संगठन अरब लीग ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने जेरूसलम को इजरायल की राजधानी घोषित किया तो इसके बहुत खतरनाक परिणाम होंगे. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक अरब लीग के सहायक महासचिव सईद अबू-अली ने कहा कि अगर अमेरिका ऐसा करता है तो यह जेरूसलम को लेकर उसके पुराने रुख के खिलाफ होगा. अमेरिका अब तक यह मानता रहा है कि जेरूसलम पर फिलिस्तीन का अधिकार है और यह उसका अविभाज्य अंग है.

अबू-अली का कहना है कि अमेरिका के इस तरह मान्यता देने से इजरायल को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करते रहने और फिलिस्तीन की जमीन पर कब्जा करने की छूट मिल जाएगी. उन्होंने अपील की कि अमेरिका एक ‘निष्पक्ष मध्यस्थ’ की तरह अपनी भूमिका निभाए. उधर, फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास भी इस मुद्दे पर समर्थन जुटाने के लिए अरब और पश्चिमी देशों के नेताओं से संपर्क कर रहे हैं. उन्होंने भी चेताया है कि अमेरिकी दूतावास की जगह बदले जाने के विनाशकारी परिणाम होंगे.

शुक्रवार को अमेरिकी मीडिया में चल रही खबरों में कहा गया था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड जेरूसलम को इजरायल की राजधानी की मान्यता दे सकते हैं. रिपोर्टों के मुताबिक ट्रंप छह दिसंबर को यह घोषणा कर सकते हैं. राष्ट्रपति चुनाव के प्रचार के दौरान उन्होंने वादा किया था कि वे इजरायल के तेल अवीव शहर स्थित अमेरिकी दूतावास को जेरूसलम में स्थानांतरित करेंगे.

फिलिस्तीन और इजरायल का विवाद दशकों पुराना है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय इजरायल पर शांति प्रक्रिया में गतिरोध पैदा करने का आरोप लगाता है जो 2014 से लगातार अपनी सीमाओं का फिलिस्तीन के इलाके में विस्तार कर रहा है. उसकी इस विस्तार नीति को उसके सबसे मजबूत समर्थक अमेरिका ने भी खारिज किया है.