हैदराबाद की ओस्मानिया यूनिवर्सिटी कैम्पस में एक 21 साल के छात्र ई मुरली की आत्महत्या के बाद बवाल हो गया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक यह घटना रविवार को हुई.

अख़बार ने पुलिस के हवाले से बताया कि मुरली फ़िज़िक्स का टॉपर था. वह मनेरू हॉस्टल में रहकर आगे की पढ़ाई कर रहा था. लेकिन बताया जाता है कि काफ़ी समय से अवसाद में था. हालांकि इसकी वजह अलग-अलग बताई जा रही है. पुलिस के मुताबिक मुरली परीक्षा के दबाव में था. जबकि उसकी आत्महत्या के बाद विरोध प्रदर्शन कर रहे संगठनों का कहना है कि वह मुख्य तौर पर बेरोजगारी से परेशान था. हालांकि इन दावों-दलीलों के बीच तीसरा पहलू मुरली के सुसाइड नोट से भी सामने आता है. इसमें परीक्षा में फेल हो जाने की आशंका का जिक्र है.

ख़बर के मुताबिक मुरली ने सुसाइड नोट में लिखा है, ‘परीक्षाएं नज़दीक आ रही हैं. लेकिन मुझे डर है कि मैं इस बार फेल हो जाऊंगा. इसलिए मैं अपनी जीवनलीला खत्म कर रहा हूं.’ हालांकि इसके बावजूद मुरली की आत्महत्या यूनिवर्सिटी कैंपस में रविवार से ही एक मुद्दा बनी हुई है. अनएंप्लॉयमेंट ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने ओस्मानिया यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रदर्शन किया है. कैंपस बंद का भी आयोजन किया. संगठन के संयोजक और कांग्रेस नेता प्रोफेसर कोदांदरम ने कैंपस का दौरा भी किया है.

ख़बरों की मानें तो मुद्दा इसलिए भी बनाया जा रहा है क्योंकि मुरली मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) के गृहनगर गजवेल का रहने वाला था. और दूसरा पहलू यह भी कि विरोधी पार्टियों और संगठनों ने राव सरकार के ख़िलाफ़ साेमवार से ही बेरोजगारी के मुद्दे पर प्रदर्शन शुरू करने की योजना बनाई थी. उनकी इस योजना को मुरली की आत्महत्या ने एक तात्कालिक मुद्दा दे दिया है.