चीन ने भ्रष्टाचार के आरोपों को देखते हुए चीन-पाकिस्तान अार्थिक गलियारे (सीपीईसी) की कम से कम तीन बड़ी सड़क परियोजनाओं की फंडिंग अस्थायी रूप से रोक दी है. पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार चीन के इस फैसले से पाकिस्तान के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचए) की करीब सौ करोड़ डॉलर की परियोजनाओं के खटाई में पड़ने की आशंका है.

डॉन ने मंगलवार को पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस मामले में नए दिशानिर्देश बनने के बाद ही चीन इन परियोजनाओं की फंडिग पर कोई फैसला करेगा. अखबार के अनुसार चीन के इस फैसले से डेरा इस्माइल खां से ज़ोब रोड तक प्रस्तावित 210 किलोमीटर हाइवे के निर्माण का काम प्रभावित होगा. इस परियोजना पर लगभग 80 करोड़ डॉलर खर्च होने थे. इसके अलावा 110 किलोमीटर लंबी खुजदार-बासिमा सड़क परियोजना और रायकोट से थाकोट तक जाने वाले 136 किलोमीटर लंबे काराकोरम राजमार्ग का काम भी ठप्प हो जाने की आशंका है. चीन इन दोनों परियोजनाओं पर करीब 20 करोड़ डॉलर खर्च करने वाला था.

शुरू में ये तीनों परियोजनाएं पाकिस्तान सरकार द्वारा तैयार होनी थीं, लेकिन पिछले साल दिसंबर में इन्हें सीपीईसी में शामिल किया गया था. डॉन ने पाकिस्तान के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि पिछले साल सीपीईसी की संयुक्त सहयोग समिति की छठी बैठक में इन परियोजनाओं की फंडिंग को प्रारंभिक तौर पर मंजूर कर लिया गया था. उम्मीद थी कि इस साल 20 नवंबर को संयुक्त कार्यसमूह की बैठक में इसे अंतिम मंजूरी मिल जाएगी. लेकिन इस बैठक में चीन ने पाकिस्तानी अधिकारियों को जानकारी दी है कि नए दिशा-निर्देश बनने तक फंडिंग मुमकिन नहीं होगी.

डॉन के मुताबिक चीन के इस फैसले से पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में बड़ी बेचैनी है. ऐसा इसलिए कि 60 अरब डॉलर की लागत की सीपीईसी परियोजना को पाकिस्तान अपने लिए काफी महत्वपूर्ण मानता है. सीपीईसी असल में चीन की महत्वाकांक्षी ‘वन बेल्ट, वन रोड’ परियोजना का हिस्सा है. इसके तहत चीन के जिनजियांग प्रांत को पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर पोर्ट से जोड़ा जाना है.