गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार के चरम पर पहुंचने के बीच खबर है कि दलित नेता जिग्नेश मेवाणी पर हमला हुआ है. उनके काफिले पर यह हमला बनासकांठा जिले में हुआ. इसमें उनकी कार का शीशा टूट गया. हालांकि वे सुरक्षित हैं. जिग्नेश ने खुद ट्वीट कर हमले की जानकारी दी है. उनका कहना है कि इसके पीछे भाजपा के लोगों का हाथ है. जिग्नेश ने यह भी कहा कि इस तरह की गंदी राजनीति से वे हार नहीं मानेंगे.

वडगाम विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे जिग्नेश को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने समर्थन की घोषणा की है. इन दोनों ही पार्टियों ने उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है. जिग्नेश मेवाणी ने दलित समुदाय से भाजपा के खिलाफ वोट करने की अपील की है. इससे पहले उन्होंने किसी भी राजनीतिक दल में शामिल होने या चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं जताई थी.

दलित समुदाय पर हो रहे अत्याचार को लेकर गुजरात कुछ समय पहले जो आंदोलन चला था जिग्नेश मेवाणी उसका चेहरा हैं. वे तब अचानक सुर्खियों में आए जब उना में दलितों की पिटाई के बाद उन्होंने ऐलान किया कि दलित लोग मरे हुए पशुओं का चमड़ा निकालने का काम नहीं करेंगे. इसके बाद उन्होंने दलित अस्मिता यात्रा निकाली जो काफी सुर्खियों में रही.