भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के अगले संस्करण में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के लिए दोबारा खेलते दिखाई दे सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने महेंद्र सिंह धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स में वापसी का रास्ता साफ कर दिया जो दो साल के निलंबन के बाद आईपीएल-2018 में हिस्सा लेगी.

आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने सीएसके और राजस्थान रॉयल्स को 2015 के रोस्टर में शामिल खिलाड़ियों को दोबारा अपनी टीम में शामिल करने की इजाजत दे दी है. इन दोनों टीमों पर 2013 में कथित स्पॉट फिक्सिंग की वजह से दो साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया था. इसके बाद आयोजित आईपीएल संस्करणों में महेंद्र सिंह धोनी ने राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स की तरफ से खेला था. आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की बैठक के बाद बीसीसीआई के कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी ने कहा, ‘किसी भी आईपीएल फ्रेंचाइजी को प्लेयर रिटेंशन (खिलाड़ियों की बोली से पहले) और राइट टु मैच (खिलाड़ियों की बोली के दौरान) को मिलाकर कुल पांच खिलाड़ियों को सुरक्षित करने की इजाजत होगी.’ उन्होंने आगे कहा कि सीएसके और राजस्थान रॉयल्स के लिए वे सभी खिलाड़ी उपलब्ध रहेंगे जो 2015 में उनके रोस्टर में शामिल थे.

आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने टीमों की फ्रेंचाइजी के लिए वेतन बजट (खिलाड़ियों को खरीदने का खर्च) बढ़ाने का भी फैसला किया है. अगले साल फरवरी में होने वाली खिलाड़ियों की संभावित बोली के लिए वेतन बजट 66 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 80 करोड़ रुपये कर दिया गया है. यह सीमा 2019 के आईपीएल संस्करण के लिए 82 करोड़ रुपये और 2020 में 85 करोड़ रुपये होगी.