डेबिट या क्रेडिट या किसी अन्य डिजिटल माध्यम से रेल की टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को अतिरिक्त लाभ देने पर भारतीय रेल विचार कर रही है. जल्दी की इस संबंध में औपचारिक घोषणा की जा सकती है. मौजूदा समय में रेलवे का मासिक यात्रा पास बनवाने के लिए जो यात्री डिजिटल माध्यम से भुगतान करते हैं उन्हें भारतीय रेल की तरफ से किराये पर 0.5 प्रतिशत की छूट दी जा रही है. अब इस छूट को आरक्षित और अनारक्षित टिकटों तक बढ़ाने पर विचार किया रहा है. वैसे कैशलेस तरीके से टिकट बुक कराने वालों को मुफ्त इंश्योरेंस का लाभ फिलहाल रेलवे की तरफ से दिया जा रहा है.

रेलवे बोर्ड के सदस्य मोहम्मद जमशेद का इस संबंध में कहना है कि भारतीय रेल हर वह प्रयास कर रही है जिससे नकदी का इस्तेमाल कम से कम हो. उनका यह भी कहना है कि पिछले वर्ष नोटबंदी के बाद से डिजिटल माध्यमों से टिकट बुक कराने वाले यात्रियों की संख्या 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है. इससे पहले केवल 20 प्रतिशत यात्री ही टिकट बुक कराने के लिए डेबिट अथवा क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे. अब रेलवे का लक्ष्य इस आंकड़े को 85 से 90 प्रतिशत तक ले जाने का है.

डेबिट और क्रेडिट कार्ड के अलावा मोबाइल एप्लीकेशन ‘भीम’ के जरिये भी टिकटों की बुकिंग कराई जा सकती है. टिकटों की बुकिंग के लिए अधिक से अधिक यात्री ​डिजिटल माध्यम का उपयोग करें इसके ​लिए भारतीय रेल ने भी बैंकों से मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी कार्ड के जरिये किए जाने वाले भुगतान का चार्ज कम से कम रखने की अपील की है. कार्ड के जरिये टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े इसके लिए रेलवे ने स्टेट बैंक आॅफ इंडिया और आईसीआईसीआई बैंक से 15 हजार प्वाइंट आॅफ सेल मशीन अर्थात कार्ड स्वाइप मशीन उपलब्ध कराने के लिए कहा है. उम्मीद है कि एक हजार मशीनें इसी साल 31 दिसंबर तक रेलवे टिकट रिजर्वेशन काउंटरों तक पहुंच जाएंगी.