हाल ही में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात में महिला सुरक्षा को लेकर सत्ताधारी भाजपा को निशाने पर लिया था. एक रैली में उन्होंने कहा, ‘क्यों राज्य के दो बड़े शहर- अहमदाबाद और सूरत महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर शीर्ष 10 शहरों में शामिल हैं.’ कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने यह बात नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट के हवाले से कही. उधर, भाजपा ने राहुल गांधी के इन आरोपों से साफ इनकार किया. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का कहना था, ‘पूरा देश जानता है कि गुजरात सबसे सुरक्षित राज्यों में से एक है. मैं नहीं जानता कि राहुल गांधी ने राज्य के किस हिस्से का दौरा किया है.’

कुछ समय पहले ही एनसीआरबी ने पूरे देश में अपराध की स्थिति को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है कि 2016 में देश के साथ-साथ राज्यों में अपराध की क्या स्थिति रही. इसके मुताबिक बीते साल गुजरात में आईपीसी और स्पेशल लोकल लॉ (एसएलएल) के तहत अपराध के कुल 4,35,422 मामले दर्ज किए गए. यह पूरे देश में दर्ज मामलों का नौ फीसदी है. इससे पहले साल राज्य में 4,34,043 मामले दर्ज किए गए थे. आबादी (करीब छह करोड़) और आपराधिक मामलों की संख्या के अनुपात के लिहाज से देखें तो गुजरात देश में तीसरे पायदान पर है.

दूसरी ओर, अपराध के मामले में देश के 19 बड़े शहरों की सूची में शामिल गुजरात के अहमदाबाद और सूरत में बीते साल दर्ज कुल मामलों की संख्या 31,762 और 56,943 है. अपराध दर (500 और 1243 प्रति लाख) के आधार पर ये दोनों शहर सूची में 13वें और पांचवें पायदान पर हैं.

बलात्कार और यौन उत्पीड़न के मामले

बीते साल पूरे राज्य में बलात्कार के कुल 982 मामले दर्ज किए गए. इनमें पीड़ितों की संख्या 986 है. इनमें से दो मामले पुलिस हिरासत से भी जुड़े हुए हैं. बलात्कार के अलावा छेड़छाड़ के कुल 87 मामले दर्ज किए गए जबकि आईपीसी की धारा 354-ए के तहत यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों की संख्या 473 रही.

उधर, 2016 में शहरों में बलात्कार से जुड़े मामलों की करें तो अहमदाबाद में बलात्कार के 112 और सूरत में 121 मामले दर्ज किए गए हैं. इन शहरों में छेड़छाड़ के मामलों के आंकड़े क्रमश: 15 और शून्य हैं.

दलितों और आदिवासियों के खिलाफ अपराध

बीते साल अहमदाबाद के उना में दलितों के खिलाफ अत्याचार का मुद्दा देश भर में छाया रहा. राज्य में दलित उत्पीड़न की बात करें तो साल 2016 में इससे संबंधित कुल 1322 मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें से अहमदाबाद में 96 और सूरत में 19 मामले दर्ज हुए. दलित उत्पीड़न के लिहाज से गुजरात राज्यों में पांचवें पायदान पर है. इसके अलावा इस लिहाज से देश के 19 बड़े शहरों में अहमदाबाद सातवें और सूरत 16वें पायदान पर है.

उधर, साल 2016 के दौरान राज्य में आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार से जुड़े कुल 281 मामले दर्ज किए गए हैं. इस मामले में गुजरात 13वें पायदान पर है. राज्य के शहरों की बात करें तो अहमदाबाद से इसके 10 और सूरत से नौ मामले सामने आए.

हत्या, अपहरण और मानव तस्करी

2016 में गुजरात में आईपीसी के तहत हत्या के कुल 1120 मामले दर्ज किए. हत्या के अलावा अपहरण के कुल 2784 मामले दर्ज हुए. हालांकि, मानव तस्करी के मामले में राज्य की स्थिति काफी बेहतर दिखती है. बीते साल गुजरात में मानव तस्करी से जुड़ा एक भी मामला दर्ज नहीं किया गया. हत्या से जुड़े अपराध के मामले में गुजरात देश में 27वें और अपहरण की घटनाओं के लिहाज से 23वें पायदान पर है.

उधर, 2016 में अहमदाबाद में हत्या के 103 मामले दर्ज किए गए. सूरत के लिए यह आंकड़ा 107 है. इन दोनों शहरों में अपहरण के भी मामले सामने आए हैं. बीते साल अहमदाबाद में 392 और सूरत में 277 आपराधिक मामले अपहरण से जुड़े थे.

महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के खिलाफ अपराध

गुजरात में बीते साल महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के खिलाफ अपराधों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली है. एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक 2016 में राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 8532 मामले दर्ज किए गए. 2015 में यह आंकड़ा 7777 था. महिलाओं के खिलाफ अपराध के लिहाज से गुजरात राज्यों के बीच 27वें पायदान पर है.

उधर, राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के साथ होने वाली वारदात के कुल 496 मामले दर्ज किए गए. 2015 में यह आंकड़ा 195 था. इस मामले में गुजरात 18वें पायदान पर है. 2016 के दौरान राज्य में बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी गई है. बीते साल इस तरह के कुल 3637 मामले दर्ज किए गए. यह आंकड़ा 2015 की तुलना में 13 अधिक है.

दंगों और राजद्रोह के मामले

साल 2016 में राज्य में दर्ज 1659 मामले दंगों से जुड़े हुए हैं. इनमें से 10 अहमदाबाद और नौ सूरत में दर्ज किए गए. कुल मामलों में राजनीतिक दंगों की संख्या 43 और सांप्रदायिक दंगों से संबंधित मामलों की संख्या 62 है. हालांकि, गुजरात में राजद्रोह को लेकर एक भी मामला दर्ज नहीं किया गया.

अन्य अपराध

बीते साल गुजरात में चोरी के 13791 मामले दर्ज किए गए. इनमें अहमदाबाद में 2624 और सूरत में 1174 मामले दर्ज किए गए हैं. जाली नोट जब्त किए जाने की बात करें तो पूरे राज्य में 76 मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें कुल दो करोड़ 37 लाख रुपये के जाली नोट जब्त किए गए. इस लिहाज से दिल्ली के बाद गुजरात का देश में दूसरा स्थान है. राज्य के शहरों की बात करें तो अहमदाबाद से 12 और सूरत इस तरह के से दो मामले सामने आए.

बीते साल गुजरात में दहेज को लेकर होने वाली मौतों की कुल संख्या 12 दर्ज की गई. अहमदाबाद में इस तरह के दो मामले दर्ज हुए जबकि, सूरत के लिए यह आंकड़ा शून्य रहा. इसके अलावा राज्य में एसिड हमले से जुड़े कुल 13 मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें अहमदाबाद में चार और सूरत में दो मामले सामने आए हैं.