‘रोजगार विहीन आर्थिक विकास भारत का लक्ष्य नहीं हो सकता है.’

— प्रणब मुखर्जी, पूर्व राष्ट्रपति

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का यह बयान सरकार से ग्रामीण क्षेत्रों की बेरोजगारी दूर करने पर ध्यान देने की अपील करते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘हमें किस तरह का आर्थिक विकास चाहिए? हमें निश्चित तौर पर नौकरियां पैदा करने वाला विकास चाहिए.’ प्रणब मुखर्जी ने आगे कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन में संतुलन होना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि हालिया आंकड़ों के मुताबिक शहरों में बेरोजगारी घटी है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. पूर्व राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार और वित्त मंत्री अगले आम बजट में इस चुनौती पर जरूर ध्यान देंगे.

‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरातियों को धोखा दिया है.’

— मनमोहन सिंह, कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का यह बयान नोटबंदी से व्यापार और उद्योग को हुए नुकसान का जिक्र करते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘नोटबंदी के बाद 99 फीसदी पुराने नोट बैंकों में वापस आ गए जो बताता है कि लोगों ने अपने काले धन को सफेद बना लिया.’ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार को नोटबंदी से जुड़े सारे दस्तावेज सार्वजनिक करने चाहिए, ताकि जनता उन्हें देख सके. आर्थिक विकास को लेकर उन्होंने कहा, ‘यूपीए के 10 साल के औसत की बराबरी करने के लिए अर्थव्यवस्था को पांचवें साल में 10.6 फीसदी की दर से बढ़ना होगा. अगर ऐसा होता है तो मुझे खुशी होगी. लेकिन यह संभव नहीं लगता है.’


‘बाबा साहेब के नाम पर वोट मांगने वाले दल इन दिनों बाबा साहेब को नहीं, बल्कि भोले बाबा को याद कर रहे हैं.’

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान अपने परिवार को शिव भक्त बताने वाले कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘बीते तीन साल से हम बाबा साहेब के सामाजिक लोकतंत्र के सपने को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं. इस सरकार की नीतियां सामाजिक लोकतंत्र को मजबूत करने वाली हैं.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि लोगों को गांवों में जाकर प्रधानमंत्री उज्जवला योजना से लोगों की जिंदगी में आए बदलावों को देखना चाहिए. उनका यह भी कहना था कि ऐसी योजनाएं सामाजिक भेदभाव को मिटाने में उनकी सरकार की मदद कर रही हैं.


‘मुझे राज्यसभा से अयोग्य घोषित करने के लिए चौतरफा दबाव डाला जा रहा है.’

— शरद यादव, राज्यसभा सांसद

सांसद शरद यादव का यह बयान जदयू से बगावत के बाद राज्यसभा से अयोग्य घोषित करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आया. उन्होंने कहा कि अगर भगोड़ा घोषित विजय माल्या के मामले को नीति समिति को सौंपा जा सकता है या आतंकी अजमल कसाब को अपनी बात रखने का मौका मिल सकता है तो उनके मामले में जल्दबाजी क्यों हो रही है? राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को अपना पुराना मित्र बताते हुए शरद यादव ने कहा कि राजनीति में परिस्थितियां बदलती रहतीं हैं, लोग आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन पद की गरिमा बची रहनी चाहिए.


‘जेरूसलम को लेकर अमेरिका का फैसला हमारे (फिलिस्तान) खिलाफ युद्ध की घोषणा है.’

— इस्माइल हनीयाह, फिलिस्तीन के इस्लामिक समूह हमास के नेता

हमास के नेता इस्माइल हनीयाह का यह बयान अमेरिका द्वारा जेरूसलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने के फैसले पर आया. उन्होंने कहा, ‘हमें यहूदी दुश्मनों से निपटने के लिए नए संघर्ष की अपील करनी चाहिए.’ इस्माइल हनीयाह ने आगे कहा, ‘फिलिस्तीन के केंद्र में बसा मुस्लिमों और ईसाइयों की सबसे अच्छा धार्मिक स्थल जेरूसलम पूरा का पूरा हमारा है.’ उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के फैसले ने शांति बहाली और सुलह-समझौते की प्रक्रिया पटरी से उतार दिया है. जेरूसलम को लेकर तटस्थ रहने की अमेरिका की दशकों पुरानी नीति को छोड़ते हुए ट्रंप प्रशासन ने अपने दूतावास को इजरायल के तेल अवीव से जेरूसलम ले जाने की घोषणा की है.