गुरुवार के राष्ट्रीय अखबारों में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से जुड़ी एक दिलचस्प खबर प्रकाशित हुई है. इसके मुताबिक विश्वविद्यालय की स्नाकोत्तर (एमए) परीक्षा में जीएसटी से कौटिल्य अर्थशास्त्र और मनु को वैश्वीकरण से जोड़ते हुए सवाल पूछे गए हैं. राजनीति विज्ञान के प्रश्नपत्र के ये दो प्रश्न कुछ यूं थे. पहला - मनु वैश्वीकरण के प्रथम भारतीय चिंतक हैं. विवेचना कीजिए. दूसरा - कौटिल्य अर्थशास्त्र में जीएसटी की प्रकृति पर एक निबंध लिखिए. सोशल मीडिया पर इस खबर को शेयर करते हुए बड़ी मजेदार टिप्पणियां आई हैं. फेसबुक पर देव प्रकाश बमनावत की चुटकी है, ‘जीएसटी की जड़ कौटिल्य के अर्थशास्त्र में ढूंढ़ना वैसा ही जैसे पुष्पक विमान में हवाई जहाज के आविष्कार की जड़ ढूंढ़ना.’

एमए के छात्रों ने इन प्रश्नों पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि ये विषय उनके सिलेबस का हिस्सा नहीं थे. मीडिया में आई खबरों के मुताबिक इन प्रश्नपत्रों को तैयार करने वाले प्रोफेसर कौशल किशोर मिश्रा ने छात्रों की इस आपत्ति पर दलील दी है कि उनके विचार से ये उदाहरण छात्रों को पता होने चाहिए और शिक्षकों का काम है कि वे पढ़ाई-लिखाई के ऐसे नए तरीके खोजें. सोशल मीडिया पर इस बयान के चलते प्रोफेसर मिश्रा को भी घेरा गया है. टीवी जयन ने ट्विटर पर चुटकी ली है, ‘मुझे इस बात की पूरी संभावना लग रही है कि बीएचयू के ये प्रोफेसर अब या तब वाइस चांसलर बनने ही वाले हैं.’

इस खबर को भाजपा की राजनीति से जोड़ते हुए यहां पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा गया है. समर का ट्वीट है, ‘.... बीएचयू में एमए का पेपर तब तक पूरा नहीं कहलाएगा जब तक कि यहां वेदों में मोदी को न दिखाया जाए... ’

इस मामले पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

शकुनि मामा | @ShakuniUncle now

बीएचयू में कौटिल्य और जीएसटी के संबंध पर प्रश्न पूछा जा सकता है तो नोटबंदी और तुगलक के संबंध पर पूछा ही जाना चाहिए.

ओम थानवी | facebook/om.thanvi

वाह जी वाह : कौटिल्य अर्थशास्त्र में जीएसटी, मनु के दर्शन में भूमंडलीकरण ... बीएचयू में एमए राजनीतिशास्त्र का परचा. नए भारत की ज्ञान-गंगा!

इंडियन हिस्टरी पिक्स |‏ @IndiaHistorypic

1917 : जेरुसलम की उमर मस्जिद की रखवाली में तैनात भारतीय सैनिक

अशोक स्वैन | @ashoswai

अगले साल पूछे जाने वाले सवाल का इंतजार कीजिए. यह कुछ यूं होगा : मोदी के बारे में नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी की व्याख्या कीजिए.

कविता कृष्णन | @kavita_krishnan

… बीएचयू में एमए (राजनीतिशास्त्र) का प्रश्नपत्र शिक्षा को एक तीखे मजाक में तब्दील कर रहा है. और मनुस्मृति की खुलेआम वकालत भी कोई कम बुरा काम नहीं है.