शराब कारोबारी विजय माल्या भारतीय बैंकों का करीब 9,000 करोड़ रुपए कर्ज़ चुकाए बिना ही लंदन भाग गए. वहां वे पहले जैसी ही ऐश-ओ-आराम की ज़िंदगी जी रहे हैं. और द टाइम्स ऑफ इंडिया की मानें तो उन्हें भारत लाना (प्रत्यर्पण) संभव हो पाया तो यहां जेल में भी उनको आम कैदियों की तरह नहीं रखा जाएगा. बल्कि भारतीय जेल में उन्हें बेहतरीन सुविधाओं सहित वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जाएगा.

अख़बार ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि माल्या इस आधार पर अपना प्रत्यर्पण टलवाने की कोशिश कर रहे हैं कि भारतीय जेलों की हालत अच्छी नहीं है. अपनी दलील के समर्थन में उन्होंने मुंबई की बायकुला जेल में बीती 23 जून को एक महिला कैदी की हत्या की घटना का उल्लेख भी किया है. उन्होंने बताया है कि मंजुला शेटे नामक कैदी की जेल स्टाफ ने हत्या की है. इस आधार पर उन्होंने आशंका जताई है कि भारतीय जेल में उनकी जान को भी खतरा हो सकता है.

बताया जाता है कि इसके जवाब में माल्या के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों ने ब्रिटिश अदालत से कहा है कि इस तरह की सभी आशंकाएं गलत हैं. उन्होंने आश्वासन भी दिया है कि अगर माल्या को भारत भेजे जाने की इजाज़त दी गई तो उन्हें अदालत का फ़ैसला आने तक जेल में सभी सुविधाएं दी जाएंगी. उनके सेल में अलग से निजी शौचालय का इंतज़ाम होगा. उन्हें जेल का खाना भी नहीं खाना पड़ेगा. वे अपने घर से लाया गया भोजन कर सकेंगे.

भारतीय अधिकारियों के मुताबिक माल्या के सेल में अलग से टीवी का बंदोबस्त होगा और उनके सोने-बिछाने का इंतजाम भी अच्छा रहेगा. उनके लिए जेल में ये तमाम सुविधाएं सरकार सुनिश्चित करेगी. इन अधिकारियों ने अख़बार से बातचीत में इसकी पुष्टि भी की है कि उनकी ओर से अदालत को इस तरह का आश्वासन दिया गया है. उनके मुताबिक सरकार को पूरा भरोसा है कि माल्या के मामले में फैसला भारत के पक्ष में होगा. उन्हें भारत लाया जा सकेगा.