मॉनसून शूटआउट के पास रिलीज डेट है, लेकिन प्रमोशन के लिए नवाज क्यों नहीं?

गुनीत मोंगा निर्मित ‘मानसून शूटआउट’ चार साल से बनकर तैयार थी. लेकिन 2013 में कान फिल्म समारोह तक में शिरकत करने के बावजूद हिंदुस्तान में यह अबतक रिलीज नहीं हो पाई. वो तो पद्मावती विवाद के चलते दिसम्बर में खाली हुए शुक्रवारों से नवाजुद्दीन की इस फिल्म को फायदा मिला और अब ये 15 दिसम्बर की इकलौती रिलीज है. हालांकि पहले यह ‘टाइगर जिंदा है’ के साथ 22 दिसम्बर को रिलीज होने वाली थी और ऐसे में छोटी-सी इस फिल्म का सिकुड़ना तय था.

लेकिन अब जब इस फिल्म को नया जीवन मिलने वाला है तब नवाजुद्दीन सिद्दीकी इसे प्रमोट करने की स्थिति में नहीं है. खबर है कि नवाज बैक-टू-बैक एक फिल्म और एक वेब सीरीज की शूटिंग कर रहे हैं और उनके पास इस फिल्म को प्रमोट करने का तनिक भी समय नहीं है. रितेश बत्रा की ‘फोटोग्राफर’ में वे लीड रोल निभा रहे हैं और अनुराश कश्यप निर्देशित और नेटफ्लिक्स द्वारा निर्मित ‘सेक्रेड गेम्स’ के लिए वे सैफ अली खान के साथ रात-दिन एक किए दे रहे हैं. पहले से ये किसी को पता था नहीं कि ‘मॉनसून शूटआउट’ को फाइनली रिलीज डेट मिल जाएगी, इसलिए नवाज ने भी अपने सारी ही डेट्स दोनों फिल्मों को काफी पहले से दे रखी हैं. वैसे भी इस साल वे छह फिल्मों – रईस, मॉम, मुन्ना माइकल, हरामखोर और बाबूमोशाय बंदूकबाज – को प्रमोट कर चुके हैं और एकाएक रिलीज के लिए तैयार हुई अपनी इस शुरुआती फिल्म के लिए समय निकाल पाना अब उनके लिए संभव नहीं है.

ये तो हुईं वे वजहें जो नवाज चाहते होंगे कि आप पढ़ें! लेकिन असल वजह अफवाहों के रूप में ये बाहर आ रही है कि नवाज ने गुनीत मोंगा एंड कंपनी को साफ कह दिया है कि वे अपनी इस पुरानी फिल्म को प्रमोट नहीं करेंगे. अपनी हर उपलब्धि फेसबुक और ट्विटर पर साझा करने वाले नवाज ने ‘मॉनसून शूटआउट’ का ट्रेलर तक अपने किसी सोशल मीडिया मंच पर शेयर नहीं किया है. फिल्म की रिलीज अगले हफ्ते है और उसके बारे में अपनी किसी भी फीड पर नवाज का बात न करना सवाल हजार खड़े कर रहा है. कुछ वक्त पहले फिल्म का ट्रेलर तक उससे किसी तरह भी नहीं जुड़ी प्रियंका चोपड़ा से रिलीज करवाया गया था ताकि माहौल तैयार करवाया जा सके. और अब ये बात समझी जा सकती है कि ऐसा भी इसलिए किया गया होगा क्योंकि नवाज ने उसे रिलीज करने से इंकार कर दिया होगा.

रियलिटी शोज के तमाशों से अब बड़े स्टार भी नहीं बच पा रहे हैं

हमारे टीवी रियलिटी शोज बच्चों को अपने फायदे के लिए कई सालों से उपयोग कर रहे हैं. पिछले दो सालों में टेलीविजन पर ऐसे शोज में आश्चर्यजनक रूप से बढ़ोतरी हुई है और कुछ प्रतिभाशाली अपवादों को छोड़ दें तो ऐसा करना साफ तौर पर बच्चों के बचपन के साथ खिलवाड़ करना है.

हाल ही में डांस इंडिया डांस नामक शो में एक ऐसा वाकया पेश आया जो इस बात की गवाही दे जाता है कि हमारे फिल्म स्टार्स भी रियलिटी शोज की धुनों पर थिरकने के लिए हरदम तैयार रहते हैं. हुआ यह कि एक एपीसोड में रेखा ने शिरकत की और एक बच्ची वैष्णवी के डांस की खूब तारीफ करने के साथ-साथ यह भी कह दिया कि उन्हें उस बच्ची में भगवान नजर आते हैं. अब यह बात रियलिटी शो के निर्माताओं ने पकड़ ली और इसके आसपास एक ऐसा खेल रचा जिसमें रवीना टंडन को भी अपना साथी बना लिया.

डांस इंडिया डांस के अगले ही एपीसोड में रवीना ने शिरकत की और वैष्णवी को देखते ही बोलीं कि उन्हें इस बच्ची से आशीर्वाद चाहिए, क्योंकि रेखा ने इसमें भगवान देखा था और वे भी (रवीना) इस बात से इत्तेफाक रखती हैं. इसके बाद मार्मिक संगीत का सहारा लेकर स्लो-मोशन में वैष्णवी जजों की चेयर पर बैठी रवीना टंडन के पास पहुंची, रवीना ने अपना सर झुकाया, वैष्णवी ने सर पर दोनों हाथ रखकर आशीर्वाद दिया और टीवी देखने वालों दर्शकों ने एक बार फिर अपना माथा पीट लिया.


‘हमारे यहां हीरोइनों को कॉमिक रोल बहुत कम दिए जाते हैं. लोगों को लगता है कि एक महिला कॉमेडी रोल के साथ न्याय नहीं कर पाएगी जबकि मधुबाला से लेकर श्रीदेवी तक ने बेहतरीन कॉमेडी फिल्में की हैं. ऐसा शायद इसलिए है क्योंकि हमारी घिसी-पिटी सोच के मुताबिक हीरोइनें सिर्फ सुंदर दिखने के लिए होती हैं.’

— ऋचा चड्ढा, अभिनेत्री

फ्लैशबैक | जब राज कुमार ने अपने आगे न बच्चन को कुछ समझा, न धर्मेंद्र को!

‘जानी’ वाले राज कुमार अपनी बेबाकी के लिए फिल्म इंडस्ट्री में कुख्यात हुआ करते थे. कई सितारे थे जो पब्लिक स्पेस में उन्हें देखते ही रास्ता बदल लेना उचित समझते क्योंकि राज कुमार अक्सर कोई ऐसी बात बोल देते थे जिससे उन्हें शर्मिंदा होना पड़ता था. लेकिन एक बार अमिताभ बच्चन ने रास्ता नहीं बदला, और बदले में राज कुमार के सेंस ऑफ ह्यूमर ने अपना रास्ता बना लिया!

हुआ ये एक फिल्मी पार्टी में राज कुमार और अमिताभ बच्चन दोनों आमंत्रित थे. अभिताभ बच्चन एक महंगा सूट पहनकर आए थे जिसकी सभी तारीफ कर रहे थे. तारीफों के लेन-देन के दौरान ही वे राज कुमार के सामने पड़ गए और उन्होंने भी बच्चन साहब के सूट की तारीफ की. चूंकि राज कुमार आसानी से किसी की तारीफ नहीं किया करते थे इसलिए अमिताभ बच्चन ने उत्साह में आकर उन्हें उस जगह का पता बताना शुरू कर दिया जहां से उन्होंने ये महंगा सूट खरीदा था. लेकिन तभी राज कुमार ने उन्हें बीच में रोका और कहा, ‘असल में जानी, हमें वहां से कुछ परदे सिलवाने हैं!’

ही-मैन धर्मेंद्र के साथ तो कुछ ज्यादा ही बुरा होता था. होता ये था कि अक्सर राज कुमार धर्मेंद्र को जितेंद्र कहकर बुलाने लग जाते थे. ऐसा वे जितेंद्र के साथ भी किया करते थे और उन्हें धर्मेंद्र कहकर सम्बोधित करते. याने कि वे फर्क ही नहीं कर पाते थे कि कौन धर्मेंद्र है, कौन जितेंद्र! लेकिन एक बार उनकी इस लापरवाही पर धर्मेंद्र का पारा चढ़ गया. वे राज कुमार पर चढ़ते हुए आगबबूला हो गए और उनकी इस आदत पर उन्हें टोकने लगे. बदले में राज कुमार ने अपनी चिर-परिचित मुस्कान बिखेरी, कूल अंदाज में एक टांग के ऊपर दूसरी चढ़ाई, और कहते हैं कि यह कहा –‘चाहे राजेंद्र कुमार हो, जितेंद्र हो या धर्मेंद्र, क्या फर्क पड़ता है. जानी के लिए तो सब बराबर हैं!’