भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के दादा संतोख सिंह का शव संदिग्ध परिस्थितियों में अहमदाबाद में साबरमती नदी में मिला है. वे 84 साल के थे. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक शुरुआती संकेतों के आधार पर माना जा रहा है कि उन्होंने शायद आत्महत्या की है.

ख़बर के मुताबिक संतोख सिंह उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के किच्छा गांव में रह रहे थे. वे अपने पौत्र- जसप्रीत से मिलने के लिए अहमदाबाद आए हुए थे. लेकिन सूत्रों की मानें तो ‘जसप्रीत की मां ने उन्हें अपने बेटे से मिलने की इजाज़त नहीं दी.’ इसके बाद वे शुक्रवार दोपहर से लापता थे. उनकी गुमशुदगी से संबंधित प्राथमिकी (एफआईआर) भी अहमदाबाद के वस्त्रपुर पुलिस थाने में दर्ज़ कराई गई थी.

बताते हैं कि संतोख एक समय गुजरात के सफल कारोबारी हुआ करते थे. वे तीन फैब्रीकेशन फैक्ट्रियों के मालिक थे. लेकिन आगे चलकर उनका कारोबार चौपट हो गया. फिर उन्हें कथित तौर पर उनकी बहू (जसप्रीत की मां) ने घर से निकाल दिया. इसके बाद वे किच्छा गांव में ऑटोरिक्शा चलाकर गुजर कर रहे थे. जुलाई में द टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में उन्होंने उम्मीद जताई थी कि वे मरने से पहले एक बार अपने पोते से मिलकर उसे गले लगाना चाहते हैं.

इस बाबत ऊधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सदानंद दाते ने अख़बार को बताया, ‘अहमदाबाद के थाने में दर्ज़ एफआईआर के मुताबिक संतोख सिंह पहले एक दिसंबर को अपनी बेटी से मिलने उसके घर गए. वस्त्रपुर के सोनल अपार्टमेंट में उनकी बेटी का घर है. वे पांच दिसंबर को जसप्रीत के जन्मदिन के मौके पर उससे मिलना चाहते थे. लेकिन यह मुलाकात नहीं हो पाई. इसके बाद उन्होंने आठ दिसंबर को झारखंड में रह रहे बेटे बलविंदर को फोन किया और कहा कि वे अपनी दिवंगत पत्नी से मिलने जा रहे हैं. इसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा था.’