मणिपुर में सेना के जवानों पर हुए उग्रवादी हमले के पीछे चीन का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है. कहा जा रहा है कि उग्रवादियों ने चीन की शह पर ही इस हमले को अंजाम दिया था. खबरों के मुताबिक एक सरकारी अधिकारी ने यह दावा किया है. अधिकारी का कहना है कि एसएस खापलांग की अगुआई वाले उग्रवादी संगठन नेशनलिस्ट सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (एनएससीएन-के) ने संघर्ष विराम होने के बावजूद सेना के काफिले पर हमला चीन से निर्देश मिलने के बाद ही किया.
खुफिया सूत्रों का कहना है कि इस वक्त परेश बरुआ का ठिकाना चीन में ही है
अधिकारी के मुताबिक उग्रवादी संगठन यूएफएइए के कट्टरपंथी नेता परेश बरुआ ने इस हमले को अंजाम देने में प्रमुख भूमिका निभाई. कहा जा रहा है कि बरुआ को चीन ने इस हमले की जिम्मेदारी सौंपी थी जिसके बाद उसने इसी साल मार्च में खापलांग को भारत के साथ किए गए संघर्ष विराम समझौते को तोड़ने के लिए मना लिया था. बीते गुरुवार को हुए इस हमले में सेना के 18 जवान शहीद हो गए थे. परेश बरुआ और खापलांग को मणिपुर में सक्रिय दो दर्जन से अधिक उग्रवादी संगठनों को हथियार सप्लाई करने वाले बिचौलियों के रूप में भी जाना जाता है. इन दोनों के चीनी एजेंसी पीएलए के संपर्क में होने की खबरें पहले भी आती रही हैं. खुफिया सूत्रों का कहना है कि इस वक्त परेश बरुआ का ठिकाना चीन के युन्नान प्रांत में ही है जबकि खापलिंग, म्यांमार के तागा इलाके में रह रहा है. उधर, इस मामले में जवाबी कार्रवाई करते हुए सेना ने मणिपुर-नागालैंड सीमा पर 15 से ज्यादा आतंकवादी मार गिराए हैं. बताया जाता है कि इस कार्रवाई में उसे म्यामांर से भी मदद मिली है.
नकली डिग्री के आरोप में दिल्ली के कानून मंत्री गिरफ्तार, चार दिन की रिमांड
दिल्ली सरकार के कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर को चार दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है. उन्हें फर्जी डिग्रियां रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. तोमर की बीएससी और लॉ (एलएलबी) की डिग्रियां फर्जी होने की शिकायत मिलने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षडयंत्र और जालजासी जैसी धाराओं के तहत शिकायत दर्ज की थी. उनकी गिरफ्तारी से नाराज नाराज आम आदमी पार्टी ने इसका ठीकरा केंद्र सरकार के सिर पर फोड़ा है. पार्टी ने तोमर की गिरफ्तारी को बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताते हुए इसे असंवैधानिक बताया है. पार्टी नेताओं का कहना था कि तोमर को न तो नोटिस दिया गया और न ही कोई पूर्व सूचना.
वहीं दिल्ली पुलिस ने अपनी कार्रवाई को सही ठहराते हुए तोमर की गिरफ्तारी को नियमों के मुताबिक बताया है. दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (कानून-व्यवस्था) दीपक मिश्र का कहना है कि दिल्ली बार काउंसिल ने पिछले महीने की 11 तारीख को तोमर की फर्जी डिग्री की शिकायत की थी जिसके बाद पुलिस ने अपनी जांच में इस शिकायत को सही पाया. पुलिस ने तोमर पर जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप भी लगाया.
इंडियन कोस्‍टगार्ड का विमान लापता, खोजी अभियान जारी
भारतीय तटरक्षक बल (इंडियन कोस्टगार्ड) का एक टोही विमान लापता हो गया है. डोर्नियर नाम का यह विमान सोमवार शाम चेन्नई बेस से उड़ा था. बताया जा रहा है कि विमान से आखिरी बार रात के लगभग नौ बजे संपर्क हुआ था. उस समय इसकी लोकेशन चेन्नई से करीब 95 मील दक्षिण की तरफ थी. विमान में पायलट सहित कुल तीन लोग सवार बताए जा रहे हैं. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक विमान ने सामान्य निगरानी के तहत उड़ान भरी थी.
नौसेना और कोस्टगार्ड ने विमान की तलाश में अभियान शुरू कर दिया है. बड़े पैमाने पर शुरू किए गए इस खोजी अभियान में कोस्टगार्ड के पांच और नौसेना के चार युद्धपोतों के अलावा नौसेना के ही लंबी दूरी के विमान पी-8 आई को लगाया गया है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस विमान को पिछले साल ही कोस्टगार्ड में शामिल किया गया था. इस साल यह दूसरा वाकया है जब डोर्नियर विमान को लेकर बुरी खबर आई है. इससे पहले मार्च में गोवा में नौसेना का एक डोर्नियर विमान हादसे का शिकार हो गया था.