गुजरात चुनाव के अब तक के नतीजे बता रहे हैं कि राज्य में पार्टी सत्ता में लौट रही है. बीते कुछ समय के दौरान जब भी उसकी चुनावी संभावनाओं की बात होती थी, पाटीदार समुदाय की नाराजगी और इससे मिलती चुनौती का जिक्र उसमें जरूर होता था. समुदाय के नेता हार्दिक पटेल की रैलियों में उमड़ती भीड़ ने भाजपा के चुनाव प्रबंधकों की चिंता भी बढ़ा दी थी. लेकिन चुनाव आयोग के आंकड़े बता रहे हैं कि पार्टी ने इस चुनौती का सफलतापूर्वक मुकाबला किया है.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में इन आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि पाटीदार समुदाय के असर वाले ज्यादातर इलाकों में भाजपा आगे चल रही है. अहमदाबाद की घटलोडिया, निकोल और मणिनगर सीट पर पार्टी बढ़त बनाए हुए है. साबरमती और नरोदा में भी यही स्थिति है. मणिनगर वही सीट है जहां से नरेंद्र मोदी चुनाव लड़ते थे. यहां से पार्टी के सुरेशभाई धनजीभाई आगे चल रहे हैं.

पाटीदार समुदाय के प्रभुत्व वाले कुछ इलाके ऐसे भी हैं जहां कुल वोट प्रतिशत गिरा था. इनमें उत्तरी सूरत, करंज जैसे कई इलाके हैं. लेकिन वोट प्रतिशत गिरने के बावजूद भाजपा यहां भाजपा आगे चल रही है.

आबादी के लिहाज से देखें तो गुजरात में पाटीदार समुदाय की हिस्सेदारी 12 फीसदी है. माना जाता है कि करीब 60 सीटों पर हार-जीत में उनकी प्रमुख भूमिका रहती है. नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर समुदाय कुछ समय से भाजपा के खिलाफ खड़ा है. पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया था. लेकिन भाजपा इस चुनौती से पार पाने में कामयाब रही.