राजस्थान के राजसमंद हत्या मामले में एक नया मोड़ आ गया है. पुलिस के मुताबिक मामले में आरोपित शंभू लाल रैगर का कहना है कि वह मोहम्मद अफराजुल को नहीं बल्कि किसी और को मारना चाहता था. राजसमंद के सर्किल ऑफिसर राजेंद्र सिंह राव ने बताया, ‘वह (शंभू लाल) किसी अज्जू शेख को मारना चाहता था जो एक लड़की से संपर्क में था. शंभू उसे अपनी बहन बताता है. लेकिन हमें शक है कि शंभू का उस लड़की से प्रेम-संबंध है.’ रैगर पर अफराजुल की हत्या कर इस नृशंस कार्य को मोबाइल पर रिकॉर्ड करने का आरोप है.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक पुलिस ने बताया कि अज्जू भी मृतक अफराजुल की तरह मजदूर है जो राजसमंद में काम करता था. पुलिस के मुताबिक शंभू ने अज्जू से फोन पर बात की थी. वह उसे पहचानता नहीं था. पुलिस ने यह भी बताया कि अज्जू को मारने के इरादे से शंभू झलचक्की इलाके में गया था. उसने अज्जू के बारे में पूछा था, लेकिन उसे कुछ पता नहीं चल पाया. इसके बाद उसने एक मजदूर से अज्जू का नंबर लिया. सर्किल ऑफिसर राव का कहना है, ‘या तो मजदूर ने शंभू को ठीक से नहीं सुना या उसने यह सोचा कि शंभू को कोई काम करवाना है. उसने सोचा कि क्यों न अफराजुल की मदद की जाए ताकि उसे कुछ काम मिल जाए. तब उसने शंभू को अफराजुल का नंबर दे दिया.’

नंबर मिलने के बाद शंभू ने पांच दिसंबर को अफराजुल को फोन किया. उसने अफराजुल की पहचान करना जरूरी नहीं समझा. पुलिस अधिकारी ने बताया कि छह दिसंबर को शंभू ने अफराजुल को फोन कर बुलाया. उसने कहा कि उसे एक जमीन के चारों तरफ दीवार बनवानी है. इसके बाद शंभू अपने घर गया. वहां से कुदाल और दूसरे हथियार लिए जिनसे उसने अफराजुल की हत्या की थी. उसने अपने भतीजे को भी साथ ले लिया था ताकि वह उसके कृत्य को कैमरे पर रिकॉर्ड कर सके.