चुनाव खत्म हुए. अब हिमाचल प्रदेश और गुजरात में भारतीय जनता पार्टी की बनने वाली सरकारों के मुखिया के चयन की बारी है. इस बाबत अब तक अटकलें ही हैं. इनमें कहा जा रहा है कि दोनों राज्यों में भाजपा नए चेहरों को सरकार की कमान सौंप सकती है. कुछ में यह भी कि पुराने चेहरों को ही फिर आजमा सकती है.

ख़बरों के मुताबिक इस बाबत पार्टी संसदीय दल ने दोनों राज्यों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों के नाम तय कर दिए हैं. गुजरात के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और पार्टी महासचिव सरोज पांडे. और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय इस्पात मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर हिमाचल प्रदेश के लिए. ये केंद्रीय नेता दोनों राज्यों में नवनिर्वाचित विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे. उनसे रायशुमारी कर अगले मुख्यमंत्रियों का नाम तय करेंगे.

अब रही बात दावेदारों की तो गुजरात में मौजूदा मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सबसे आगे हैं. राजकोट पश्चिम सीट से रूपाणी 25,000 वोट से जीते हैं. इस सीट से 2002 में खुद नरेंद्र मोदी ने चुनाव लड़ा था. तब वे भी राज्य के मुख्यमंत्री हुआ करते थे. रूपाणी के काम से भी अब तक पार्टी नेतृत्व या केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को खास शिकायत नहीं है. फिर भी यह पुख्ता तौर पर नहीं कहा जा सकता कि पार्टी उन्हें दोबारा आजमाएगी या नहीं.

इसीलिए अगले मुख्यमंत्री के तौर पर रूपाणी के प्रतिद्वंद्वियों में उनके डिप्टी यानी मौजूदा उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल और केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला का नाम भी लिया जा रहा है. या फिर पार्टी की रणनीति के मुताबिक कोई अनजाना-कमजाना चेहरा अचानक सामने आ जाए तो भी किसी को अचरज नहीं होना चाहिए.

यही हाल हिमाचल प्रदेश का है. यहां पार्टी ने प्रेम कुमार धूमल को मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित किया था. लेकिन वे खुद सुजानपुर सीट से अपने राजनीतिक शिष्य और कांग्रेस उम्मीदवार राजिन्दर सिंह राणा से हार चुके हैं. इसके बावजूद कहा जा रहा है कि भाजपा उन्हें ही अगले मुख्यमंत्री के तौर पर आगे कर सकती है. हालांकि चुनावी हार को पैमाना बनाया गया तो उनका रास्ता मुश्किल भी हो सकता है.

ऐसे में राज्य के पूर्व मंत्री जयराम ठाकुर अगले दावेदार हैं. वे आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के प्रचारक रहे हैं और सेराज विधानसभा सीट से जीते भी हैं. बताया जाता है कि उन्हें पार्टी नेतृत्व ने बातचीत के लिए दिल्ली भी बुलाया है. उनके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्‌डा भी दावेदार हैं. और एक नाम संघ की पृष्ठभूमि से ही आने वले अजय जामवाल का भी चल रहा है. हालांकि तस्वीर तो आज-कल में ही साफ होगी.