मेडिकल और इंजिनियरिंग की पढ़ाई करने की इच्छुक छात्रों को 2019 से साल में दो बार प्रवेश परीक्षा देने का मौका मिल सकता है. सोमवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने लोकसभा को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा, ‘प्रवेश परीक्षाएं ऑनलाइन और साल में दो बार होंगी. इसके साथ छात्रों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का पर्याप्त मौका दिया जाएगा.’

केंद्र सरकार मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी बना रही है. इसके बारे में केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी उप-जिला और जिला स्तर पर भी प्रवेश परीक्षा केंद्र बनाएगी.

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एक स्वायत्त और आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर संस्था होगी. केंद्र सरकार के मुताबिक इसे एक मुश्त 25 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा, जिसके बाद यह आत्मनिर्भर हो जाएगी. इसे शुरुआत में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित कराई जाने वाली प्रवेश परीक्षाओं की जिम्मेदारी दी जाएगी. इसके बाद दूसरी प्रवेश परीक्षाओं को भी इसे सौंप दिया जाएगा. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी बनने से प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ने और नकल या जालसाजी की आशंका दूर होने की उम्मीद की जा रही है.