भारत उन देशों में सबसे आगे है, जिनके सबसे ज्यादा लोग विदेश में रहते हैं. संयुक्त राष्ट्र ने अपने जन्म स्थान वाले देश से बाहर रहने वालों की एक रिपोर्ट प्रकाशित की है. इसके मुताबिक 2017 में भारत से बाहर रहने वाले लोगों की संख्या 1.7 करोड़ रही. इनमें से कम से कम 50 लाख लोग संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब में, जबकि 20 लाख लोग अमेरिका में रहते हैं.

वहीं, दुनिया में 2017 में प्रवासियों की कुल संख्या 25.8 करोड़ रही जो साल 2000 के मुकाबले 49 फीसदी ज्यादा है. इनमें से 64 फीसदी आबादी उच्च आय वाले देशों में रहती है. हालांकि, प्रवासियों के मामले में भारत के बाद मैक्सिको आता है. इसके अलावा रूसी संघ, चीन, बांग्लादेश, सीरियाई अरब गणराज्य, पाकिस्तान और यूक्रेन की भी बड़ी आबादी विदेशों में रहती है. हालांकि, अपना वतन छोड़ने वाले इन लोगों में 2.6 करोड़ या 10 फीसदी शरणार्थी हैं. ये लोग कम आय वाले देशों में रहते हैं.

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक 2017 में महिला प्रवासियों की संख्या 48.4 फीसदी है. इसके अलावा अफ्रीका और एशिया को छोड़कर बाकी क्षेत्रों से प्रवासी महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा है. संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया की आबादी का विस्तार जानने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रवासियों का आकलन जरूरी बताया है. संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दूसरे क्षेत्रों में आबादी में गिरावट को रोकते हैं. उदाहरण के लिए साल 2000 और 2015 के बीच उत्तरी अमेरिका में जनसंख्या वृद्धि में प्रवासियों का योगदान 42 फीसदी था. वहीं यूरोप में इस दौरान अगर प्रवासी न पहुंचते तो आबादी में गिरावट आ जाती.