‘सवालों का जवाब दिया जा सकता है, लेकिन उन सवालों का क्या जवाब दिया जाता, जिन्हें जवाब से बनाया गया था.’

— जितेंद्र सिंह, केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा भाजपा पर गुजरात चुनाव के समय पूछे गए 14 सवालों से भागने का आरोप लगाने पर आया. उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी ने 14 सवालों में से सात को खुद वापस ले लिया था, क्योंकि उनके आंकड़े गलत थे. बेरोजगारी से जुड़े छठे सवाल के आंकड़े गलत थे.’ जितेंद्र सिंह ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने गुजरात में कई गुना बेरोजगारी का दावा किया, लेकिन गुजरात का औसत राष्ट्रीय औसत से हमेशा एक प्रतिशत कम रहा है. केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी पर गुजरात में महिलाओं की सुरक्षा के बारे में झूठ बोलने का आरोप लगाया.

‘कांग्रेस विलुप्त होती और भाजपा बढ़ती जा रही है.’

— प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा गुजरात चुनाव परिणाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विश्वसनीयता पर सवाल बताने पर आया. उन्होंने कहा, ‘आज भाजपा और सहयोगियों द्वारा शासित 19 राज्यों में कांग्रेस कहीं नहीं हैं.’ प्रकाश जावड़ेकर ने आगे कहा कि भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा में सबसे ज्यादा दलित, महिलाएं, ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सांसद और विधायक हैं, फिर भी वे कहते हैं कि भाजपा को असफलता का धक्का लगा है, यह तो जनादेश का अपमान है. केंद्रीय मंत्री के मुताबिक कांग्रेस और राहुल गांधी सच्चाई महसूस कर पाने में सक्षम नहीं हैं.


‘सकल घरेलू उत्पाद के साथ सकल घरेलू प्रसन्नता भी होनी चाहिए.’

— प्रणब मुखर्जी, पूर्व राष्ट्रपति

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का यह बयान देश की प्रगति के लिए केवल आर्थिक विकास को नाकाफी बताते हुए आया. उन्होंने कहा कि देश में एक खुशहाल समाज बनाने की जरूरत है. स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा, ‘1893 में विवेकानंद ने शिकागो धर्म संसद में हिंदू धर्म के बुनियादी दर्शन का प्रचार किया. उन्होंने मानवता की सेवा पर जोर दिया. मनुष्य की सेवा करना भगवान की सेवा करना है, जिसे दुनिया की सभी सभ्यताएं मानती हैं.’ पूर्व राष्ट्रपति ने यह बी कहा कि स्वामी विवेकानंद ने किसी एक संस्कृति के प्रभुत्व को मानव प्रगति का मकसद नहीं माना था.


‘गुजरात में अगर थोड़ा सा और गुस्सा वोटों में बदल जाता तो परिणाम दूसरा होता’

— अखिलेश यादव, सपा अध्यक्ष

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का यह बयान गुजरात चुनाव में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन को लेकर आया. उन्होंने आगे कहा, ‘गुजरात चुनाव में भाजपा बाल-बाल बची है.’ अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भाजपा विकास की केवल बात करती है, जबकि उसका चुनाव प्रचार हमेशा जाति और धर्म पर आधारित होता है. उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में भी भाजपा विकास की वजह से नहीं, बल्कि जाति और धर्म के आधार पर जीत हासिल की थी. गुजरात में क्षेत्रीय संगठनों को साधने की कांग्रेस की रणनीति सफल बताते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर भी दोहराना चाहिए.


‘अदालत के दोहरे पैमानों और इंसाफ के कत्ल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.’

— नवाज शरीफ, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का यह बयान अदालत द्वारा विपक्षी नेता इमरान खान के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला खारिज किए जाने पर आया. उन्होंने कहा, ‘हम इस फैसले के सामने डटे रहेंगे और इसे जनता के बीच उठाएंगे.’ नवाज शरीफ ने आगे कहा कि अदालत के बाहर न्याय के पैमाने को इंसाफ के लिए खड़े होना चाहिए, न कि तहरीक-ए-इंसाफ के लिए. उन्होंने देश में इंसाफ को कायम करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करने की भी घोषणा की. मंगलवार को नवाज शरीफ, उनकी बेटी और दामाद पनामा पेपर्स मामले में नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो के सामने पेश हुए थे.