अमेरिका ने जमात-उद-दावा के प्रमुख और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापक हाफिज सईद के 2018 में चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर चिंता जाहिर की है. पीटीआई के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीदर नॉर्ट ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा हाफिज सईद की नजरबंदी हटाए जाने से अमेरिका में कड़ी प्रतिक्रिया हो रही है. हीदर नॉर्ट ने कहा, ‘मैं यह याद दिलाना चाहती हूं कि हाफिज सईद पर एक करोड़ अमेरिकी डॉलर का इनाम है और हम उसके चुनाव लड़ने को लेकर चिंतित हैं.’

बीती 24 नवंबर को पाकिस्तान ने हाफिज सईद की नजरबंदी खत्म कर दी थी. उसके बाद हाफिज सईद ने पुष्टि की थी कि उसका संगठन 2018 में पाकिस्तान के आम चुनाव में मिल्ली मुस्लिम लीग के झंडे के तहत चुनाव लड़ेगा. हालांकि मिल्ली मुस्लिम लीग अभी तक पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग के तहत पंजीकृत नहीं हुआ है.

इस मुद्दे पर पत्रकारों से बात करते हुए हीदर नॉर्ट ने कहा, ‘अमेरिकी सरकार उसे (जमात-उद-दावा) आतंकी संगठन मानती है. हमारी पाकिस्तान की सरकार से कई बार बात हुई है. इसके चलते एक काम यह हुआ कि इस आदमी (हाफिज सईद) को नजरबंद कर दिया गया. लेकिन पाकिस्तान ने उसकी नजरबंदी खत्म कर दी और अब कहा जा रहा है कि वह चुनाव लड़ सकता है.’ हाफिज सईद पर एक करोड़ अमेरिकी डॉलर (64 करोड़ रुपये से ज्यादा) का इनाम है. अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने उसे आतंकवादी घोषित किया हुआ है.