सत्याग्रह के विशेष संवाददाता राहुल कोटियाल को प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. बुधवार को दिल्ली में हुए एक समारोह में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया. राहुल कोटियाल के अलावा यह पुरस्कार अलग-अलग श्रेणियों में देश के 26 अन्य पत्रकारों को भी दिया गया है. इनमें प्रिंट मीडिया से 17 और ब्रॉडकास्ट (टीवी) के 10 पत्रकार शामिल हैं.

हालांकि, हिंदी में यह पुरस्कार केवल दो श्रेणियों में मिलता है. इस बार प्रिंट मीडिया के लिए यह राहुल कोटियाल को मिला है और टीवी पत्रकारिता के लिए एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार को. राहुल कोटियाल को यह सम्मान ‘लव जिहाद’ पर सत्याग्रह में प्रकाशित उनकी एक रिपोर्ट के लिए दिया गया है.

रामनाथ गोयनका पुरस्कार देश के नामी पत्रकारिता संस्थान द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा अपने संस्थापक रामनाथ गोयनका के नाम पर दिया जाता है. पुरस्कार के लिए पत्रकारों का चयन उनके साहस, उनकी प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट रिपोर्टिंग के आधार पर किया जाता है. इसके विजेताओं को एक लाख रुपये और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया जाता है.

द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल इस पुरस्कार के लिए 800 पत्रकारों की प्रविष्टियां आई थीं. एक विशेष ज्यूरी ने इनमें से 27 का चयन किया. इस ज्यूरी में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बीएन श्रीकृष्णा, एचडीएफसी लिमिटेड के अध्यक्ष दीपक पारेख, पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी और वरिष्ठ पत्रकार पामेला फिलोहोस शामिल थे.