एयरटेल के मोबाइल ग्राहकों की अनुमति के बिना कंपनी के पेमेंट बैंक में उनका खाता खोलने के विवाद के बाद भारती समूह ने पेमेंट बैंक के शीर्ष अधिकारी पर गाज गिराई है. सूत्रों के अनुसार एयरटेल पेमेंट बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशि अरोड़ा से इस गड़बड़ी के लिए इस्तीफा ले लिया गया है. इसके अलावा बैंक ने गलत तरीके से खोले गए पेमेंट बैंक खातों में जमा करीब तीन चौथाई रकम ग्राहकों के मूल खातों में लौटा दी है. बैंक ने अभी तक 190 करोड़ रुपये में से 138 करोड़ रुपये 56 लाख ग्राहकों के मूल खातों में लौटाए हैं.

पिछले दिनों कंपनी के खिलाफ शिकायत की गई थी कि एयरटेल और एयरटेल पेमेंट बैंक दोनोंं मिलकर आधार-ईकेवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ग्राहकों की पहचान करने की प्रणाली) आधारित सिम प्रमाणन प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रहे हैं. इसके तहत ईकेवाईसी प्रक्रिया के बहाने एयरटेल मोबाइल के ग्राहकों के आधार का इस्तेमाल करके बिना उनसे पूछे एयरटेल पेमेंट बैंक में उनके खाते खोले जा रहे हैं. शिकायत की जांच में यह बात भी सामने आई थी कि एयरटेल पेमेंट बैंक ने बिना ग्राहकों से पूछे उन्हें मिल रही करीब 190 करोड़ रुपये की सरकारी सब्सिडी इन खातों में मंगा ली थी.

इसके बाद आधार जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी यूआईडीएआई ने जांच के बाद पिछले शनिवार को इन दोनों कंपनियों को दोषी पाते हुए उनके आॅनलाइन ईकेवाईसी लाइसेंस निलंबित कर दिए. हालांकि यूआईडीएआई ने जल्द ही कुछ शर्तों के साथ एयरटेल की मोबाइल कंपनी को ई-केवाईसी सत्यापन करने की अनुमति दे दी क्योंकि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि सभी मोबाइल कंपनियों को उनके द्वारा जारी हुए सभी सिम को 31 मार्च तक आधार से सत्यापित करवाना है. यूआईडीएआई ने एयरटेल पेमेंट बैंक का ई-केवाईसी लाइसेंस अभी भी निलंबित रखा है.