‘गुजरात चुनाव के दौरान दिखी मंदिर जाने की होड़ भारतीय लोकतंत्र और राजनीति के लिए अच्छी नहीं है.’

— असदुद्दीन ओवैसी, एआईएमआईएम के प्रमुख

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का यह बयान भाजपा और कांग्रेस पर धर्म को वोटबैंक की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए आया. उन्होंने कहा कि अगर वे भी ऐसा करें तो किसी को इस पर ऐतराज नहीं होना चाहिए. मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व कमजोर करने का आरोप लगाते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘दोनों पार्टियां मुस्लिमों का वोट चाहती हैं, लेकिन उनके सशक्तिकरण और प्रतिनिधित्व की बात करने से बचती हैं. इसका सबूत है कि गुजरात में भाजपा ने एक भी टिकट नहीं दिया, कांग्रेस ने छह को टिकट दिया, जिनमें तीन विधायक हैं.’ उनके मुताबिक इन सबसे चुनाव तो जीता जा सकता है, लेकिन लोकतंत्र हार जाएगा.

‘टीपू सुल्तान को पूजने वाले सिद्धारमैया से हिंदू या हिंदुत्व के कल्याण की उम्मीद नहीं की जा सकती.’

— विनय कटियार, भाजपा सांसद

भाजपा सांसद विनय कटियार का यह बयान कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर टीपू सुल्तान की पूजा करने का आरोप लगाते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘सिद्धारमैया उस टीपू सुल्तान की पूजा करते हैं, जिसने हिंदू समुदाय को नुकसान पहुंचाया था.’ इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा था कि कांग्रेस ‘हनुमान की भूमि’ को ‘टीपू सुल्तान की भूमि’ में बदलना चाहती है. इस पर सिद्धारमैया ने सवाल किया था, ‘क्या भाजपा नेता ही हिंदू हैं? क्या हम लोग हिंदू नहीं हैं? मेरा नाम सिद्धारमैया है. सिद्ध और रामा मेरा नाम है.’


‘गुजरात के अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 135 सीटें जीतेगी.’

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का यह बयान गुजरात में पार्टी की हार के कारणों की चर्चा करते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘मैं आपको हार का कारण बताता हूं. भाजपा और मोदी ने बीते 20 साल से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को बदनाम करने का अभियान चला रखा है.’ वहीं, कार्यकर्ताओं को धन्यवाद कहते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘अब आप जानते हैं कि कांग्रेस गुजरात में चुनाव जीत सकती है.’ उन्होंने गुजरात चुनाव में साथ न देने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं पर कार्रवाई करने की भी बात कही. कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक पार्टी के 90 फीसदी लोगों ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा, जबकि 10 फीसदी ने साथ नहीं दिया. गुजरात में 1985 के बाद पहली बार कांग्रेस को सबसे ज्यादा 77 सीटें मिली हैं.


‘सुशासन का मतलब सरकार या प्रशासन का जीवन के सभी पहलुओं पर नियंत्रण नहीं होता है.’

— प्रणब मुखर्जी, पूर्व राष्ट्रपति

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का यह बयान सुशासन को सर्वव्यापी मानने से इनकार करते हुए आया. मानवता, सत्ता और आध्यात्मिकता के रिश्ते पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘अगर सरकार या प्रशासन जीवन के सभी पहलुओं को नियंत्रित करने लगे तो यह अधिनायकवादी सरकार होगी जिसे हमने दुनिया के अलग-अलग हिस्से में देखी है.’ पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आगे कहा कि समाज नैतिकता की आचार संहिता पर आधारित होना चाहिए, लेकिन यह भीतर से आना चाहिए, न कि बाहर से. उनके मुताबिक नैतिकता की आचार संहिता का जब बगैर किसी बाहरी दबाव या डर के भीतर से पालन होगा, तब यह सच्चा प्रशासन बन जाएगा और यही आध्यात्म की शिक्षा है.


‘पाकिस्तान शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में यकीन रखता है, लेकिन इसे कमजोरी नहीं समझना चाहिए.’

— शाहिद खाकन अब्बासी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी का यह बयान अपरोक्ष रूप से भारत के साथ तनावपूर्ण रिश्तों को लेकर आया. पाकिस्तान की नौसेना अकादमी में पासिंग आउट परेड के मौके पर उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तानी नौसेना अपनी स्वदेशी क्षमता का विकास कर रही है और जबरदस्त उत्साह के साथ आगे बढ़ रही है.’ प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी ने आगे कहा कि पाकिस्तान सरकार नौसेना को सारे संसाधन मुहैया कराएगी, ताकि समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाया जा सके और समुद्री अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा सके.