ग्वाटेमाला के राष्ट्रपति जिमी मोराल्स ने घोषणा की है कि वे अपना दूतावास यरुशलम स्थानांतरित करेंगे. इस घोषणा के ​जरिये अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुला समर्थन देने वाला ग्वाटेमाला पहला देश बन गया है. इसी महीने की छह तारीख को ट्रंप ने यरुशलम को इजराइल की राजधानी स्वीकार करते हुए अपना दूतावास, तेल अवीव से वहां ले जाने की घोषणा की थी.

अभी तक इजराइल के लिए किसी भी देश का कोई दूतावास यरुशलम में नहीं है. वैसे अमेरिका और ग्वाटेमाला भी अपने दूतावासों को कब तक यहां स्थानांतरित करेंगे, इसकी कोई समय सीमा अब तक तय नहीं है. खबरों के मुताबिक अपने दूतावास के यरुशलम स्थानांतरण के लिए चेक गणराज्य भी विचार कर रहा है. हालांकि उसकी तरफ से इस बारे में अब तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है.

बीते हफ्ते बृहस्पतिवार को अमेरिका द्वारा यरुशलम को इजराइल की राजधानी घोषित करने के मसले पर संयुक्त राष्ट्र संघ में वोटिंग कराई गई थी. इसमें अमेरिका अलग-थलग पड़ गया था. उसके प्रस्ताव के समर्थन में नौ जबकि विपक्ष में 128 वोट पड़े थे. विश्व मंच पर यरुशलम का मुद्दा बेहद संवेदनशील माना जाता है. यह शहर दशकों से इजराइल और फिलिस्तीन की खींचतान में फंसा है. दोनों देश इस पर अपना दावा करते हैं.