पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव ने सोमवार को इस्लामाबाद में अपनी मां और पत्नी से मुलाकात की. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा कि उन्होंने (पाकिस्तान) अपना वादा पूरा किया. कुलभूषण जाधव को जासूसी और आतंकवाद के आरोप में मौत की सजा सुनाई जा चुकी है.

इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन का उद्घाटन करने की खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. इस मौके पर दिल्ली के मुख्यमंत्री को न बुलाने को लेकर आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह ने कहा कि यह केंद्र की अरविंद केजरीवाल के प्रति ईष्या को जाहिर करता है.

पीएसयू कर्मचारी सरकार की नीतियों और कामों की आलोचना नहीं कर सकेंगे

केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के कर्मचारियों के लिए आदर्श आचरण नियम जारी किए हैं. हिन्दुस्तान की खबर के मुताबिक इसके तहत कर्मचारी किसी राजनीतिक गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकते. साथ ही, उन्हें सरकारी नीतियों या कामों की आलोचना करने से भी मना किया गया है. आदर्श आचरण नियम में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों को किसी तरह का उपहार लेने से भी बचना चाहिए. इसके अलावा कर्मचारियों को नशे की हालत में सार्वजनिक जगहों पर जाने से भी मना किया गया है.

कश्मीर : केंद्रीय वार्ताकार के सामने लोगों ने अफ्स्पा, पैलेट गन और रोजगार का मुद्दा उठाया

कश्मीर समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा के सामने स्थानीय लोगों ने अफ्स्पा हटाने, पैलेट गन का इस्तेमाल रोकने और रोजगार का मुद्दा उठाया है. अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक कुपवाड़ा में 41 प्रतिनिधिमंडलों ने शर्मा से मुलाकात की. सिविल सोसायटी के एक प्रतिनिधि फिरदौस ने कहा कि अफ्सपा को हटाए बगैर घाटी में शांति नहीं आ सकती. साथ ही, उनका कहना था कि भाजपा की ओर से अनुच्छेद 370 और 35-ए पर बयान देने की वजह से लोगों की भावनाएं भड़कती हैं. हालांकि, घाटी स्थित अलगाववादी और व्यापार संगठनों ने दिनेश्वर शर्मा से बातचीत को लेकर दूरी बनाई हुई है. इससे पहले केंद्रीय वार्ताकार ने उत्तरी कश्मीर के लोगों से कश्मीर मसले के स्थायी समाधान के लिए सुझाव लिए थे.

राजस्व वसूली में कमी की वजह से जीएसटी दरों में और कमी की संभावना कम

राजस्व वसूली में कमी को देखते हुए केंद्र सरकार वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) दरों में बदलाव को अगले वित्तीय वर्ष तक टाल सकती है. बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट बताती है कि बजट अनुमान के मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष में हर महीने 91,000 करोड़ रुपये की कर वसूली करनी है. दूसरी ओर, बीते अक्टूबर में यह आंकड़ा घटकर 83,346 करोड़ रुपये रह गया है. साथ ही, इसके आगे भी कम रहने की संभावना जाहिर की गई है. आधिकारिक सूत्रों ने अखबार को बताया कि जनवरी, 2018 में जीएसटी परिषद की होने वाली बैठक में दरें कम किए जाने को लेकर कोई चर्चा नहीं होगी. इससे पहले बीते नवंबर में जीएसटी परिषद ने 200 से अधिक चीजों पर कर की दर घटाने का फैसला लिया था.

34 संकटग्रस्त पावर प्लांट अपने कर्ज को लौटाने की स्थिति में नहीं

देश में 34 संकटग्रस्त पावर प्लांट अपने कर्ज को लौटाने की स्थिति में नहीं हैं. इनमें से सबसे अधिक 10 प्लांट्स भाजपा शासित छत्तीसगढ़ में स्थित हैं. द हिंदू में प्रकाशित खबर के मुताबिक केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने ऊर्जा मामलों से संबंधित संसदीय समिति को इसकी जानकारी दी है. इसके बाद संसदीय समिति ने ऊर्जा, कोयला और वित्त मंत्रालयों के साथ भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), कर्ज देने वाले बैंकों और डेवलपरों को सवालों की एक सूची भेजी है. उधर. सरकार ने इसकी जानकारी देने से इनकार किया है कि इन पावर प्लांट्स के लिए बैंकों से कुल कितना कर्ज लिया गया है.

आज का कार्टून

भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान द्वारा उनकी मां और बहन से मिलने देने पर द टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित आज का कार्टून :