दिल्ली नामी स्कूलों में शुमार होने वाले सालवान पब्लिक स्कूल (एसपीएस) ने नर्सरी में दाख़िले के लिए जो नियम बनाए हैं उन पर विवाद उभर आया है. हालांकि इसके बावज़ूद सालवान ग्रुप के चेयरमैन सुशील सालवान स्कूल के इन नियम-क़ायदों को सही ठहरा रहे हैं. उनका बचाव कर रहे हैं.

डीएनए की ख़बर के मुताबिक एसपीएस में सिर्फ़ उन्हीं अभिभावकों के बच्चों को नर्सरी में दाख़िला दिया जा रहा है जिनके दो बच्चे हैं. जिन अभिभावकों के बच्चे दो से ज़्यादा हैं उनके बच्चों को दाख़िला देने पर स्कूल संचालकों ने स्पष्ट रोक लगा दी है. इस बाबत सुशील सालवान कहते हैं, ‘बढ़ती जनसंख्या देश की गंभीर समस्या बन चुकी है. इसीलिए लोगों को कम बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करने का यह हमारा अपना तरीका है. हमने दाख़िले के अपने नियम-क़ायदों का एडमिशन-फॉर्म में भी उल्लेख किया है.’

इस तरह के नियम-क़ायदों की आलोचना से बेपरवाह सुशील कहते हैं, ‘हम देशहित के लिए मीडिया के सभी तरह हमलों का सामना करने को तैयार हैं. जो लोग साहसिक कदम उठाते हैं उनकी आलोचना करना इन दिनों चलन बन चुका है. लेकिन हम इससे नहीं डरते.’ ख़बर के मुताबिक स्कूल ने पिछले साल भी इसी तरह के नियम बनाए थे. तब भी काफ़ी आलोचना हुई थी. सालवान ग्रुप के दिल्ली में दो नामी स्कूल हैं. इनमें एक है- सालवान मॉन्टेसरी और दूसरा- जीडी सालवान. दोनों राजेंद्र नगर इलाके में स्थित हैं.