‘क्या दिल्ली के उपराज्यपाल भ्रष्ट व्यवस्था को बचाने की कोशिश कर रहे हैं?’

— मनीष सिसोदिया, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का यह बयान उपराज्यपाल अनिल बैजल द्वारा सरकारी सेवाओं की ‘होम डिलिवरी’ के प्रस्ताव को वापस लौटाने पर आया. उन्होंने कहा, ‘उनकी (उपराज्यपाल) टिप्पणी देखकर बहुत तकलीफ हुई...उनका भ्रष्ट व्यवस्था को बचाने में क्या हित हो सकता है?’ दिल्ली सरकार के प्रस्ताव को ‘सुपर डिजिटल डिलिवरी सिस्टम’ बताते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि इससे नागरिकों को सरकारी विभागों में नहीं आना पड़ेगा, बल्कि जरूरी दस्तावेज और बायोमीट्रिक रिकॉर्ड लेने अधिकृत व्यक्ति उनके घर जाएगा. वहीं, उपराज्यपाल अनिल बैजल का कहना है कि उन्होंने इस प्रस्ताव को खारिज नहीं किया है, बल्कि महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा की चिंता की वजह से दोबारा विचार करने के लिए लौटाया है.

‘पाकिस्तानी मीडिया बहुत गैर-जिम्मेदार है.’

— किरण रिजिजू, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू का यह बयान पाकिस्तानी मीडिया पर कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी को सवालों के जरिए तंग किए जाने पर आया. इन्होंने सोमवार को इस्लामाबाद में कुलभूषण जाधव से मुलाकात की थी. किरण रिजिजू ने आगे कहा, ‘पाकिस्तानी मीडिया भारतीय मीडिया की तरह जिम्मेदार नहीं है.’ उन्होंने यह भी कहा कि कुलभूषण जाधव के परिवार को परेशान करने के मामले में विदेश मंत्रालय उचित कार्रवाई करेगा. भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि पाकिस्तान में मीडिया को बार-बार कुलभूषण जाधव के परिजनों के पास आने और उन्हें परेशान करने का मौका दिया गया था.


‘स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके कोई भी चुनाव नहीं जीत सकती.’

— एमके अलगिरी, डीएमके के निष्कासित नेता

डीएमके के निष्कासित नेता एमके अलगिरी का यह बयान तमिलनाडु के आरके नगर उपचुनाव में पार्टी की हार को लेकर आया. डीएमके के कार्यवाहक अध्यक्ष एमके स्टालिन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘अगर नेता (करुणानिधि) सक्रिय होते तो आरके नगर उपचुनाव में पार्टी का यह हाल (तीसरा स्थान) न होता.’ करुणानिधि के परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा है. एमके स्टालिन और एमके अलगिरी दोनों अपने पिता की राजनीतिक विरासत पर दावा जा रहे हैं. हालांकि, पूर्व केंद्रीय मंत्री एमके अलगिरी को 2014 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए पार्टी से निकाल दिया गया था.


‘जो व्यक्ति संविधान का सम्मान नहीं करता, उसे मंत्री बने रहने का कोई हक नहीं है.’

— गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद का यह बयान ‘धर्म निरपेक्षता’ के खिलाफ टिप्पणी के लिए केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े को बर्खास्त करने की मांग करते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘या तो हेगड़े संसद और पूरे देश से माफी मांगें या फिर प्रधानमंत्री उन्हें मंत्रिमंडल से निकालने पर विचार करें.’ गुलाम नबी आजाद ने आगे कहा कि अनंत कुमार हेगड़े पहले भी विवादित बयान देते रहे हैं, शायद इसी के इनाम के तौर पर उन्हें मंत्री बनाया गया था. कांग्रेस नेता के मुताबिक मंत्री बनने के बाद अनंत कुमार हेगड़े से ऐसे विवादित बयानों की उम्मीद नहीं थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है.


‘सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद निश्चित तौर पर एक आतंकी हैं.’

— रज्जब तैयप एर्दोऑन, तुर्की के राष्ट्रपति

तुर्की के राष्ट्रपति रज्जब तैयप एर्दोऑन का यह बयान राष्ट्रपति बशर अल-असद को सीरिया में सत्ता से बेदखल करने की मांग करते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘वे (बशर अल-असद) राज्य प्रायोजित आतंकवाद को आगे बढ़ा रहे हैं.’ रज्जब तैयप एर्दोऑन ने आगे कहा, ‘असद के साथ आगे बढ़ना अब मुमकिन नहीं है. हम सीरिया के राष्ट्रपति को कैसे गले लगा सकते हैं जिसने अपने लाखों नागरिकों को मार डाला है?’ तुर्की लंबे समय से बशर अल-असद को हटाने की मांग कर रहा है. हालांकि, इस बीच इस्लामिक स्टेट और कुर्द लड़ाकों के खतरे को देखते हुए अपनी मांग पर ज्यादा ध्यान दे रहा है.