केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रेलवे के तत्काल टिकटों की हैकिंग करने वाले अपने ही एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को ग़िरफ़्तार किया है. ख़बरों के मुताबिक अजय गर्ग नाम के इस व्यक्ति ने एेसा साॅफ्टवेयर बनाया था जो रेलवे की आरक्षण व्यवस्था को ध्वस्त कर देता था. इसके जरिए बुकिंग एजेंट एक क्लिक पर सैकड़ों तत्काल टिकट बुक कर लेते थे.

सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल के मुताबिक एजेंसी ने इस मामले में अपने असिस्टेंट प्रोग्रामर गर्ग के अलावा उसका साथ देने वाले एक अन्य व्यक्ति अनिल गुप्ता को भी ग़िरफ़्तार किया है. इन दोनों के अलावा 13 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज़ किया गया है. इनमें गर्ग के परिवार के कुछ सदस्य और ट्रेवल एजेंट शामिल हैं. बताते हैं कि गर्ग के साॅफ्टवेयर से जो ट्रेवल एजेंट फ़ायदा उठाते थे उनसे पैसे वसूलने का काम उसकी पत्नी, बहन और जीजा किया करते थे.

जानकारी के मुताबिक पूरी वसूली वर्चुअल मुद्रा बिटकॉइन या हवाला के जरिए होती थी. ताकि लेन-देन किसी की नजर में न आ सके. सीबीआई के सूत्रों के मुताबबिक अब तक गर्ग के नेटवर्क में काम करने वाले जिन एजेंटों की पहचान हुई है उनमें सात जौनपुर और तीन मुंबई के हैं. इन्हें कभी भी ग़िरफ़्तार किया जा सकता है.