पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय कुलभूषण जाधव से उनकी मां और पत्नी की मुलाकात पर गुरुवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में बयान दिया. पाकिस्तान के रवैए पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, ‘22 महीने बाद एक मां की अपने बेटे और एक पत्नी की अपने पति से भाव भरी भेंट को पाकिस्तान ने प्रोपेगैंडा के एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया.’ उन्होंने यह भी कहा कि कुलभूषण जाधव से उनकी मां और पत्नी की मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों में आगे बढ़ाने वाला कदम साबित हो सकता था, लेकिन खेद है कि दोनों देशों की सहमति से हटकर इस मुलाकात का आयोजन किया गया.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के मुताबिक भारत ने इस मुलाकात से जुड़ी अपनी आपत्तियों के बारे में पाकिस्तान को बता दिया है. उन्होंने कुछ आपत्तियों का भी सदन में उल्लेख किया. सुषमा स्वराज ने कहा, ‘हमारे बीच स्पष्ट समझौता था कि मीडिया को कुलभूषण जाधव के परिजनों के नजदीक नहीं आने दिया जाएगा. लेकिन पाकिस्तान ने न केवल प्रेस को उनके नजदीक आने दिया, बल्कि तरह-तरह के अपशब्दों से संबोधित करके उन्हें परेशान करने दिया गया.’

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सुरक्षा के नाम पर कुलभूषण जाधव के परिवार के कपड़े तक बदलवाने पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा, ‘कुलभूषण जाधव की मां जो केवल साड़ी पहनती हैं, उन्हें पहनने के लिए सलवार सूट दिया गया.’ उन्होंने यह भी कहा कि कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी की चूड़ियां, बिंदी और मंगलसूत्र तक उतरवा दिए गए. विदेश मंत्री ने आगे कहा, ‘कुलभूषण जाधव की मां ने मुझे बताया कि जैसे ही वे मिलने के लिए पहुंची तो (बगैर चूंड़ी, बिंदी और मंगलसूत्र में देखकर) कुलभूषण जाधव का पहला सवाल था - बाबा कैसे हैं?’ इसे पाकिस्तान की बेअदबी बताते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने दोनों सुहागिनों को विधवा के रूप में पेश करने की कोशिश की.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कुलभूषण जाधव से उनकी मां को मराठी में बात न करने देने के लिए भी पाकिस्तान की आलोचना की. उन्होंने आगे कहा कि कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी के साथ गए उपउच्चायुक्त को बगैर बताए उन्हें पिछले दरवाजे से मुलाकात के लिए ले जाया गया, इसी वजह से उपउच्चायुक्त को उनके कपड़े बदलवाने की जानकारी नहीं हो पाई. विदेश मंत्री ने कुलभूषण जाधव की पत्नी के जूते में स्पीकर या रिकॉर्डर होने के पाकिस्तान के दावे को भी खारिज किया और इसके पीछे पाकिस्तान की तरफ से साजिश किए जाने का आशंका जताई. उन्होंने कहा कि अगर जूते में कोई चिप या रिकॉर्डर था तो वह हवाई यात्रा के दौरान होने वाली जांच में सामने क्यों नहीं आया या पाकिस्तान ने उसे वहीं मीडिया के सामने क्यों नहीं दिखाया. सुषमा स्वराज ने यह भी कहा कि पाकिस्तान भले ही मानवता और सदभाव के नाम पर इस मुलाकात की इजाजत देने का दावा कर रहा है, लेकिन इसमें मानवता और सद्भाव दोनों ही गायब था.