केंद्र सरकार ने वर्चुअल मुद्रा बिटकॉइन की तुलना पोंजी स्कीम से करते हुए लोगों को इसके जोखिम से आगाह किया है. एक बयान जारी कर केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने कहा है कि मुद्रा का कोई आंतरिक मूल्य नहीं हैं और न ही इसके पीछे कोई परिसंपत्ति ही है, इसलिए इसमें निवेश करना पोंजी स्कीम में फंसने जैसा है. मंत्रालय ने यह भी कहा है कि वर्चुअल मुद्रा में पैसे लगाना किसी बुलबुले में निवेश करने जैसा है जो कभी भी फूट सकता है और आपकी मेहनत की कमाई डूब सकती है.

वित्त मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत में सरकार या अन्य किसी नियामकीय संस्था ने वर्चुअल मुद्रा के एक्सचेंज या इससे जुड़ी व्यावसायिक गतिविधि के लिए न तो लाइसेंस दिया है और न ही कोई नियम या कानून बनाया है. मंत्रालय के मुताबिक भले ही इसमें कॉइन शब्द जुड़ा हो लेकिन इसे कानूनी मान्यता हासिल नहीं है. मंत्रालय ने यह भी कहा है कि जो लोग इससे जुड़े हैं, उन्हें इसकी हकीकत जाननी चाहिए और इसके जोखिम को लेकर सावधान रहना चाहिए.

वित्त मंत्रालय ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तर्ज पर यह चेतावनी जारी की है. आरबीआई भी कई बार लोगों को वर्चुअल मुद्रा में निवेश के खतरों से आगाह कर चुका है. हाल के महीनों में एक बिटकॉइन की कीमत 16 हजार डॉलर का आंकड़ा पार कर गई थी.