बाजार में लंबे समय से मारुति की लोकप्रिय हैचबैक स्विफ्ट का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है. सूत्रों का कहना है कि मारुति जल्द ही स्विफ्ट के नए अवतार को भारत में उतार सकती है. हालांकि नई स्विफ्ट के बाजार में आने के कयास इस साल की शुरुआत में भी लगाए गए थे लेकिन कंपनी ने किसी खास रणनीति के चलते इसकी बजाय सेडान डिज़ायर को पहले लॉन्च करना ज्यादा मुनासिब समझा. अब जब डिज़ायर सेगमेंट में बिक्री के नए आयाम गढ़ चुकी है तो मारुति स्विफ्ट के नए रूप के साथ बाजार को दमदार दस्तक देने के लिए एक बार फिर तैयार है.

एक जानी-मानी ऑटो वेबसाइट की मानें तो नई मारुति सुज़ुकी स्विफ्ट प्लेटफॉर्म को मुंबई के पास लोनावाला में एक टीवी कमर्शियल के दौरान देखा गया है. वेबसाइट के मुताबिक इस कार के टीवी कमर्शियल का शूट होना यह बताता है कि इसका लॉन्च बस कुछ ही हफ़्ते दूर है. संभावना है कि नई स्विफ्ट को मारुति-सुज़ुकी इंडियन ऑटो एक्सपो-2018 में लॉन्च करेगी. मारुति से जुड़े लोगों के अनुसार कंपनी ने अपने डीलर्स से जल्द ही स्विफ्ट का पुराना स्टॉक क्लियर करने के निर्देश दिए हैं.

जानकारों के मुताबिक स्विफ्ट-2018 पहले से वजन में हल्की लेकिन मजबूत और दमदार कार है. बताया जा रहा है कि इस कार को कंपनी ने हार्टेक नाम के एक प्लेटफॉर्म पर तैयार किया है. इस पर बलेनो, डिजायर और इग्निस जैसी गाड़ियां भी तैयार की जा चुकी हैं. हल्की होने की वजह से यह नई कार बढ़िया माइलेज और पिकअप देने में सक्षम होगी. यदि इसकी परफॉर्मेंस की बात करें तो बताया जा रहा है कि इसके पेट्रोल मॉडल में 4-सिलेंडर वाला 1200 सीसी क्षमता का नैचुरली अस्पिरेटेड इंजन लगा होगा जो 82 बीएचपी की अधिकतम पॉवर के साथ 112 एनएम का टॉर्क उत्पन्न करने में सफल होगा. इस इंजन के साथ 5- स्पीड मैनुअल और एएमटी दोनों ट्रांसमिशन विकल्प दिए जाएंगे.

वहीं इस कार के डीज़ल वर्जन में 1248 सीसी का टर्बोचार्ज्ड इंजन देखने को मिल सकता है जो 74 बीएचपी के साथ 190 एनएम का अधिकतम टॉर्क पैदा करने में सक्षम होगा. कार के डीज़ल वर्जन में भी पेट्रोल ही की तरह 5-स्पीड मैनुअल और ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन विकल्प देखने को मिल सकता है. अंदाजा लगाया जा रहा है कि कंपनी इस कार की कीमत बाजार में उपलब्ध सेकंड जेनरेशन वाली स्विफ्ट के लगभग बराबर यानी पांच लाख रुपए के आस-पास तय कर सकती है.

कावासाकी ने भारत में पहली क्रूज़र बाइक लॉन्च की

जापानी कंपनी कावासाकी की भारतीय इकाई ने इस शनिवार अपनी दमदार बाइक वल्कन एस-2018 क्रूज़र बाइक लॉन्च कर दी है. देश के बाजार में आने वाली यह कंपनी की पहली क्रूज़र बाइक मानी जा रही है. लॉन्च के मौके पर कावासाकी मोटर्स इंडिया के निदेशक युकाता यामाशिता ने कहा, ‘भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में हमारी स्पोर्ट्स, टूरर और ऑफरोड बाइक्स पहले से बेची जा रही हैं. हमें लगा कि भारत में अपनी क्रूज़र बाइक लॉन्च करने का सबसे बेहतरीन समय यही है. लोगों के लिए इस बाइक के साथ नए साल की शुरुआत बहुत बेहतर रहेगी.’ जानकारों के अनुसार कावासाकी वल्कन एस के पार्ट्स पूरी तरह से आयात किए जाएंगे और इसे कंपनी के पुणे स्थित चाकन प्लांट में असेंबल किया जाएगा.

इस बाइक में 649 सीसी का लिक्विड कूल्ड डीओएचसी, 8-वॉल्व, पैरेलल ट्विन इंजन दिया गया है. यह इंजन आरपीएम के घटने-बढ़ने पर भी स्मूथ परफॉर्मेंस देता है. 6-स्पीड गियरबॉक्स से लैस यह इंजन 60 बीएचपी की अधिकतम पॉवर और 63 एनएम का अधिकतम टॉर्क पैदा करने में सक्षम है. कावासाकी वल्कन-एस लुक और स्टाइल के मामले में भी मिडवेट क्रूज़र मोटरसाइकिल सेगमेंट में एक अच्छा विकल्प है. कावासाकी ने इस बाइक को कई सारे मॉडर्न फीचर्स के साथ लॉन्च किया है और इसकी ऊंचाई सामान्य से थोड़ा नीचे रखी गई है. इससे इसे बेहतर क्रूज़र कंट्रोल का लुक मिलता है.

कंपनी ने इस बाइक में 41 एमएम का टेलिस्कोपिक फोर्क दिया है. वहीं इसके पिछले हिस्से में सिंगल-शॉक लिंकेज लैस सस्पेंशन दिया गया है. इसके साथ ही बाइक को बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम देते हुए इसके अगले पहिए में 300 एमएम का डुअल पिस्टन वाला सिंगल डिस्क ब्रेक और पिछले पहिए में 250 एमएम का सिंगल पिस्टन डिस्क ब्रेक दिया गया है. कंपनी ने बाइक में स्टैंडर्ड एबीएस भी दिया है. यदि आप इस दमदार बाइक को घर लाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 5.44 लाख रुपए (एक्सशोरूम) चुकाने होंगे. जानकारों का कहना है कि वल्कन एस भारत में हार्ले डेविडसन और ट्रंफ जैसी कंपनियों की बाइकों को कड़ी टक्कर दे सकती है.

शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के लिए कानून सख़्त हुआ

शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले ड्रावइरों की अब खैर नहीं होगी. नशे की हालत में हुई दुर्घटना के दौरान उन्होंने किसी की जान ली तो उन्हें सात साल जेल में काटने पड़ सकते हैं. अभी तक ऐसी दुर्घटनाएं करने वालों पर मोटर अधिनियम की धारा 304ए के तहत गैर इरादतन हत्या का मुकदमा चलाया जाता है जिसमें अधिकतम दो साल की कैद या जुर्माना या फिर दोनों का प्रावधान है. भारत में सड़क दुर्घटनाओं में हर साल लगभग 1.5 लाख लोगों की मौत हो जाती है.

बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन का मसौदा तैयार है. इसे संसद की एक स्थायी समिति ने शुक्रवार को राज्यसभा में प्रस्तुत किया. मुख्य रूप से इसमें 15 संशोधनों पर विचार किया गया है जिनमें नशे की हालत में दुर्घटना प्रमुख है. इसके अलावा सभी वाहनों के लिए आजीवन थर्ड पार्टी बीमा कराना अनिवार्य होगा. आंकड़ों के अनुसार इस समय देश के करीब आधे वाहनोंं का थर्ड पार्टी बीमा नहीं है. इसके चलते ऐसे वाहनों से दुर्घटना की सूरत में पीड़ितों को कोई आर्थिक मदद नहीं मिल पाती.

मसौदे में सड़क पर तय सीमा से अधिक की रफ्तार पर वाहन चलाने और स्टंट करने वाले चालकों के लिए सख्त कदम उठाए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया है. साथ ही, 500 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करने वाले वाणिज्यिक वाहनों में दो चालकों को रखे जाने की बात भी है. दुघर्टना में किसी को घायल करने वाले चालक को पीड़ित के साथ अस्पताल में समय बिताने का प्रस्ताव भी है जिससे कि वह उसका दर्द समझ सके.