आईफोन निर्माता कंपनी एपल के लिए नए साल की शुरुआत काफी खराब होती दिख रही है. कंपनी द्वारा पुराने आईफोन को धीमा करने की बात सामने आने के बाद वह मुश्किलों में घिर गई है. खबरों के मुताबिक अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया, न्यूयार्क और इलिनॉइस की अदालतों में कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी के आठ मामले दर्ज कराए गए हैं. ग्राहकों का कहना है कि कंपनी ने आईफोन की स्पीड जानबूझ कर इसलिए धीमी की है क्योंकि ऐसा करके वह नए आईफोन की बिक्री बढ़ाना चाहती है. इनके मुताबिक यह ग्राहकों के साथ धोखा करने जैसी बात है.

उधर, एपल ने मामले को बढ़ता देख सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगी है. कंपनी ने कहा, ‘हम जानते हैं कि हमने आपको निराश किया है इसके लिए हमें माफ़ कर दीजिये.’ एपल का यह भी कहना है कि उसने ऐसा पुराने आईफोन्स की बैट्री लाइफ बढ़ाने के उद्देश्य से किया है. कंपनी पुराने आईफोन यूजर्स के लिए कई तरह के ऑफर भी लायी है. इनमें आईफोन-6 या उसके बाद लांच हुए सभी आईफोन्स की बैटरी पर 4000 रुपए तक की छूट दी गई है.

पिछले हफ्ते खबर आई थी कि एपल ने आईफोन-6 और उसके बाद आने वाले आईफोन्स की स्पीड को धीमा कर दिया है. बताया जाता है कि कंपनी ने ऐसा करने के लिए इन आईफोन्स के ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट करते वक्त उसमें फोन को धीमा करने वाला प्रोग्राम इनस्टॉल कर दिया था.

2017 के जाते ही लाखों मोबाइलों पर वाट्सएप बंद हो जाएगा

इंस्टेंट मैसेजिंग एप वाट्सएप इस महीने के अंत में कई पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम यानी ओएस को सपोर्ट करना बंद कर देगा. खबरों के मुताबिक 31 दिसंबर, 2017 के बाद से यह एप ब्लैकबेरी ओएस, ब्लैकबेरी 10, विंडोज फोन 8.0 और इससे पुराने ओएस वर्जन पर काम नहीं करेगा.

वाट्सएप की ओर से अपने ब्लॉग में कहा गया है कि कंपनी इस महीने के अंत में अपनी तकनीक अपग्रेड करेगी जिससे उसका एप्लीकेशन कई पुराने ओएस पर चलना बंद हो जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि इन पुराने ओएस में ऐसी क्षमताएं नहीं हैं जिनसे ये भविष्य में अपग्रेड होने वाली वाट्सएप की तकनीक और फीचरों को सपोर्ट कर पाएं. कंपनी की ओर से यह भी बताया गया है कि उसकी एप नोकिया के सिम्बियन-एस40 ओएस के लिए एक साल बाद यानी 31 दिसंबर 2018 से काम करना बंद करेगी. जबकि, एक फरवरी, 2020 से एंड्रॉयड के 2.3.7 और इससे पुराने वर्जन को एप सपोर्ट नहीं करेगा.

इससे पहले बीते जनवरी में वाट्सएप ने एंड्रायड के 2.1, 2.2 वर्जन, विंडोज 7 और आईओएस के 6 वर्जन के लिए अपना सपोर्ट बंद कर दिया था. इसके बाद इस साल जून में कंपनी ने नोकिया के सिम्बियन-एस60 के लिए भी सर्विस बंद कर दी थीं.

जल्द ही आपको फेसबुक के लिए भी आधार की जरूरत पड़ सकती है

आधार को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए या नहीं अभी इसी पर बहस जारी है और उधर कुछ प्राइवेट कंपनियों ने इसके इस्तेमाल की तैयारी शुरू कर दी है. खबरों के मुताबिक अमेजन के बाद जल्द ही दिग्गज सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक भी अपने यूजर्स से आधार की जानकारी मांग सकती है.

इकॉनॉमिक टाइम्स की खबर के अनुसार फेसबुक एक ऐसे नए फीचर को टेस्ट कर रहा है जिसके जरिए वह नया अकाउंट खोलने वाले यूजर को आधार कार्ड पर लिखा नाम बताने के लिए प्रेरित करेगा. खबर के मुताबिक जब कोई यूजर नया अकाउंट खोलते समय अपना नाम लिखेगा तो वहीं पर एक नोटिफिकेशन आएगा जिसमें लिखा होगा, ‘अगर आप अपना आधार वाला नाम डालेंगे तो आपके दोस्त आपको आसानी से खोज सकेंगे.’

हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक फेसबुक का कहना है कि उसका यह नया फीचर पूरी तरह वैकल्पिक होगा. साथ ही आधार का नाम बताने वाला नोटिफिकेशन सभी लोगों को नहीं दिखेगा.