प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान के क्षेत्र में देसी भाषाओं के इस्तेमाल पर जोर देने की बात कही है. प्रधानमंत्री ने कहा है कि युवाओं में विज्ञान के प्रति लगाव विकसित करने के लिए उसका देसी भाषाओं में प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए. भौतिकशास्त्री प्रोफेसर सत्येंद्र नाथ बोस की 125वीं जयंती पर कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी का कहना था, ‘हमारे युवाओं में विज्ञान के प्रति प्रेम और समझ पैदा करने के लिए यह जरूरी है कि हम बड़े स्तर पर वैज्ञानिक विषयों का प्रचार-प्रसार करें और इस काम में भाषा रुकावट नहीं सहायक होनी चाहिए.’

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी ने वीडियो-कॉन्फ्रेंस के जरिए दिए अपने भाषण में कहा कि प्रोफेसर बोस देसी भाषाओं में विज्ञान पढ़ाने वाले समाज-सुधारक थे. प्रधानमंत्री ने इस बात का भी जिक्र किया कि बोस ने बांग्ला भाषा में विज्ञान पत्रिका की शुरुआत की थी. इसके अलावा प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों से अपील की कि वे अपने बुनियादी ज्ञान का इस्तेमाल आम लोगों की मदद करने में करें. प्रधानमंत्री ने सवाल करते हुए कहा, ‘क्या आपकी नई खोजों से किसी गरीब का जीवन आसान हो रहा है? क्या मध्य वर्ग की समस्याएं कम हो रही हैं?’ प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के जरिए सलाह दी है कि वैज्ञानिकों को देश की सामाजिक व आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अपने शोध के विषय चुनने चाहिए.