महाराष्ट्र के पुणे में भीमा कोरेगांव युद्ध की 200वीं वर्षगांठ के दौरान भड़की जातीय हिंसा से जुड़ी खबरों को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. बीते सोमवार को यहां इकट्ठा दलित समुदाय के लोगों पर भगवा झंडे लिए कुछ लोगों ने हमला कर दिया था. इस हमले में एक दलित युवक की मौत हो गई थी. उधर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र एक प्रगतिशील राज्य है जो जातीय हिंसा में भरोसा नहीं करता.

उत्तर प्रदेश : सिनेमाघरों को अब राष्ट्रगान के बाद पर्दे पर कुंभ मेले का लोगो दिखाना होगा

उत्तर प्रदेश में स्थित सिनेमाघरों के लिए अब राष्ट्रगान के बाद पर्दे पर कुंभ मेले का लोगो दिखाना अनिवार्य होगा. इस लोगो के साथ ‘सर्वसिद्धप्रद कुंभ’ टैगलाइन होगी. द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार का मानना है कि सिनेमाघरों में इस लोगो को दिखाने से युवा धार्मिक उत्सवों के महत्व और मकसदों को समझ पाएंगे. अगला कुंभ मेला जनवरी 2019 में इलाहाबाद में होना है.

ताजा अशांति के लिए देश के दुश्मन जिम्मेदार : खमैनी

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अल खमैनी ने ताजा अशांति के लिए देश के दुश्मनों को जिम्मेदार ठहराया है. जनसत्ता में छपी खबर के मुताबिक सरकारी टीवी पर प्रसारित बयान में उन्होंने कहा, ‘दुश्मन एकजुट हो गए हैं. वे रुपये, हथियार, नीतियां और सुरक्षा सेवाओं समेत सभी तरीके अपना रहे हैं ताकि इस्लामिक राष्ट्र में समस्या खड़ी की जा सके.’ बताया जाता है कि बीते शनिवार से अब तक सरकार विरोधी प्रदर्शन में 21 लोगों की मौत हो चुकी है. साथ ही 500 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है. आर्थिक समस्याओं को लेकर शुरू किया गया यह विरोध प्रदर्शन साल 2009 के जन प्रदर्शनों के बाद सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है.

सीएसआर मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए 196 कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2014-15 में सामाजिक दायित्व (सीएसआर) मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए 196 कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है. हिन्दुस्तान की खबर के मुताबिक मंत्रालय में राज्य मंत्री पीपी चौधरी ने मंगलवार को राज्य सभा में इसकी जानकारी दी. इसके अलावा मंत्रालय ने इस मामले में अब तक करीब 1018 कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. कंपनी कानून-2013 के मुताबिक मुनाफा कमाने वाली कंपनियों को अपने तीन वर्षों के औसत लाभ का दो फीसदी हिस्सा सामाजिक कार्यों पर खर्च करना होता है. कानून के मुताबिक इसका उल्लंघन करने पर 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है.

वित्त मंत्रालय का एफआरडीआई विधेयक को लेकर स्थिति साफ करने की कोशिश

वित्त मंत्रालय ने वित्तीय निपटान और जमा बीमा विधेयक (एफआरडीआई)-2017 को लेकर स्थिति साफ करने की कोशिश की है. बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक मंत्रालय ने कहा है कि इसमें जमाकर्ताओं के हितों के खिलाफ किसी तरह का प्रावधान नहीं किया गया है. साथ ही, मंत्रालय का कहना है कि इस विधेयक में जमाकर्ताओं को पहले की तुलना में अधिक संरक्षण दिया गया है. एफआरडीआई विधेयक को लेकर मीडिया में चल रही खबरों पर मंत्रालय का कहना है कि इनमें बेल-इन प्रावधान को लेकर जताया जा रहा संदेह गलत है. मंत्रालय ने आगे साफ किया कि इस विधेयक में बेल-इन निपटान के कई तरीकों में से एक है.

आज का कार्टून

अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को दी जा रही सैन्य मदद (वित्तीय) में कटौती पर द हिंदू में प्रकाशित कार्टून :