योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के मदरसों को निर्देश दिया है कि वे दूसरे धर्म के त्योहारों पर भी बच्चों को अवकाश दें. सरकार ने इस संबंध में मंगलवार को एक वार्षिक कैलेंडर जारी किया. इसमें मदरसों के लिए सात छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं और ईद-उल-जुहा और मुहर्रम के मौके पर दी जाने वाली दस छुट्टियों को घटाकर चार कर दिया गया है.

अभी तक मदरसे मुस्लिम त्योहारों के अलावा होली और अंबेडकर जयंती पर ही बंद होते थे. लेकिन अब नई सूची के मुताबिक महावीर जयंती, बुद्ध पूर्णिमा, रक्षाबंधन दिवाली, महानवमी और दशहरा समेत क्रिसमस पर भी उनको छुट्टी करनी होगी. राज्य सरकार का तर्क है कि नई छुट्टियां कई महापुरुषों की जयंती पर दी जा रही हैं जिससे बच्चों को उनके बारे में समझने का मौका मिलेगा. उसके मुताबिक प्रदेश के दूसरे स्कूलों में भी इन दिनों में अवकाश रहता है.

मुस्लिम धार्मिक नेता सरकार के इस फैसले से नाखुश हैं. इस्लामिक मदरसा मॉडर्नाइजेशन टीचर्स एसोसिएशन के प्रमुख एजाज अहमद का कहना है कि मदरसा एक धार्मिक संस्था है, इसलिए यहां अलग तरह से छुट्टियों की व्यवस्था की गई है. उनके मुताबिक अन्य समुदायों के त्योहारों पर अवकाश देना सही है, लेकिन इस्लामिक त्योहारों के मौकों पर छुट्टियां कम करना ठीक नहीं है.